देश के ऑटो सेक्टर में एक बदलाव देखने को मिल रहा है.महंगाई के इस दौर में भारत के अंदर यूज्ड कार यानी सेकेंड हैंड गाड़ियों का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. अब बड़ी संख्या में लोग अपनी पहली कार के तौर पर यूज्ड कार खरीद रहे हैं. ऑटोकार इंडिया और स्पिन्नी की मोबिलिटी इंटेलिजेंस रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, यूज्ड कार खरीदने वालों में 80% से 82% लोग पहली बार कार खरीद रहे हैं. इससे साफ है कि लाखों लोगों के लिए यूज्ड कार ही कार ओनर बनने का पहला रास्ता बन रही है.
यूज्ड कार मार्केट लगातार बढ़ रहा है
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का यूज्ड कार मार्केट नई कारों के मार्केट से 1.39 गुना बड़ा हो चुका है. यह हर साल 11% से 13% की रफ्तार से बढ़ रहा है. वहीं, ऑर्गेनाइज्ड यूज्ड कार मार्केट 20% से ज्यादा की सालाना ग्रोथ दर्ज कर रहा है. रिपोर्ट 9 शहरों में हुई 11,000 से ज्यादा कार ट्रांजैक्शंस के आधार पर तैयार की गई है.
SUV और फाइनेंस की बढ़ी डिमांड
रिपोर्ट में बताया गया है कि अब लोग सिर्फ कम कीमत की वजह से नहीं, बल्कि बेहतर और प्रीमियम कार पाने के लिए भी यूज्ड कार खरीद रहे हैं. SUV की डिमांड लगातार बढ़ रही है. पिछले पांच साल में यूज्ड कार फाइनेंस का इस्तेमाल भी 16% से बढ़कर 32% हो गया है. ऑर्गेनाइज्ड प्लेटफॉर्म पर होने वाले करीब 60% सौदे फाइनेंस के जरिए हो रहे हैं.
EV की रीसेल वैल्यू अभी ज्यादा नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति सुजुकी, हुंडई, किया और महिंद्रा जैसी कंपनियों की कारों की रीसेल वैल्यू मजबूत बनी हुई है. वहीं, EV की रीसेल अभी भी एक बड़ी चुनौती है. इसकी वजह बैटरी हेल्थ को लेकर चिंता, तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और तय रीसेल वैल्यू का न होना बताया गया है.
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