हफ्ते भर की गिरावट के बाद आज यानी शुक्रवार को शेयर बाजार ने संभलने की कोशिश की है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने हरे निशान में एंट्री ली जिससे माहौल थोड़ा पॉजिटिव दिखा. आज 16 जनवरी को बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 300 अंकों से ज्यादा चढ़ गया. सुबह करीब 9 बजकर 49 मिनट पर सेंसेक्स 83715 के आसपास कारोबार करता दिखा.
वहीं निफ्टी भी करीब 70 अंकों की तेजी के साथ 25735 के पास पहुंच गया. बाजार में लौटी तेजी से निवेशकों को राहत मिली है.
आईटी शेयर में भारी उछाल
आज बाजार में सबसे ज्यादा चमक आईटी सेक्टर में देखने को मिली. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक चढ़ गया. इंफोसिस निफ्टी का टॉप गेनर बना. निवेशकों को उम्मीद है कि आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे रह सकते हैं और इसी वजह से इस सेक्टर में खरीदारी बढ़ी.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती
बाजार की मजबूती सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.35 फीसदी चढ़ा. वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 0.11 फीसदी की तेजी देखने को मिली. इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी धीरे-धीरे बाकी शेयरों में भी लौट रही है.
कौन से सेक्टर चढ़े और कहां दिखी बिकवाली
सेक्टर की बात करें तो आईटी के अलावा रियल्टी शेयरों में भी अच्छी तेजी रही और यह इंडेक्स करीब 1.28 फीसदी ऊपर रहा. वहीं मीडिया, मेटल और फार्मा शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली और ये सेक्टर करीब 0.3 से 0.5 फीसदी तक नीचे रहे.
कच्चे तेल की कीमत और ट्रेड डील से बाजार को सपोर्ट
बाजार की तेजी के पीछे ग्लोबल संकेतों का भी हाथ रहा. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है जिससे भारतीय बाजार को राहत मिली. इसके साथ ही भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं. उम्मीद है कि इस महीने के आखिर तक इस पर सहमति बन सकती है.
एशियाई बाजारों का मिला जुला असर
एशियाई बाजारों में आज मिला जुला रुख देखने को मिला. चीन का शंघाई इंडेक्स हल्की गिरावट में रहा. शेनझेन इंडेक्स में मामूली तेजी दिखी. जापान का निक्केई करीब आधा फीसदी गिरा. हांगकांग का हैंगसेंग भी लाल निशान में रहा. वहीं साउथ कोरिया का कोस्पी एक फीसदी से ज्यादा चढ़ गया.
अमेरिकी बाजारों से मिला सपोर्ट
अमेरिकी बाजार गुरुवार को ज्यादातर हरे निशान में बंद हुए. नैस्डैक करीब 0.25 फीसदी चढ़ा. एसएंडपी 500 में 0.26 फीसदी की तेजी रही. वहीं डाओ जोंस करीब 0.6 फीसदी मजबूत होकर बंद हुआ.
14 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने करीब 4781 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. वहीं घरेलू निवेशकों ने करीब 5217 करोड़ रुपये की खरीदारी की. इससे साफ है कि घरेलू निवेशक अभी बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं.
अब निवेशकों की नजर भारत में आने वाले बड़े तिमाही नतीजों पर रहेगी. खासकर आईटी और बड़ी कंपनियों के रिजल्ट यह तय करेंगे कि बाजार में आगे तेजी बनेगी या नहीं. फिलहाल बाजार में रिकवरी की कोशिश जरूर दिख रही है लेकिन निवेशक अब भी सतर्क बने हुए हैं.
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