भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का पहला चरण जल्द फाइनल हो सकता है. इस समझौते में अमेरिकी सामानों पर भारत में टैरिफ घटाने को लेकर बातचीत चल रही है. हालांकि, डेयरी प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में एंट्री देने का मुद्दा अब भी सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है. इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं. 20 अक्टूबर को मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अहम बैठक होगी.
डेयरी प्रोडक्ट्स पर अटका मामला
भारत और अमेरिका के बीच समझौते का मकसद दोनों देशों के कारोबार को बढ़ाना है. अमेरिका चाहता है कि भारत उसके इंडस्ट्रियल और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करे. इसके बदले अमेरिका भारतीय सामानों पर कम टैरिफ लगाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में कारोबार करने में मदद मिलेगी.
India-US ट्रेड डील पर क्या बोले पीयूष गोयल?
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि समझौते का पहला चरण फाइनल हो चुका है और अब उसकी कानूनी ड्राफ्टिंग चल रही है. हालांकि, इसे लागू करने का फैसला भारत के प्रतिस्पर्धी फायदे को लेकर स्पष्टता मिलने के बाद होगा.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी बातचीत को समझौते के करीब पहुंचने का संकेत दे चुके हैं. हालांकि, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने 2 अक्टूबर को कहा था कि डील जल्द होने की उम्मीद नहीं है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी होने की उम्मीद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी होगी. इससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों और ग्लोबल ट्रेड को फायदा मिल सकता है.
निर्यात में 23% का उछाल, घटा ट्रेड डेफिसिट
न्यूयॉर्क में भारत के कॉन्सुलेट जनरल के मुताबिक, सितंबर 2026 में भारत का सामानों का निर्यात 23% बढ़कर 44.4 अरब डॉलर पहुंच गया. इस दौरान ट्रेड डेफिसिट में भी कमी आई.भारत अमेरिका से कमर्शियल विमान, कोकिंग कोल, सोना, ऊर्जा और डिफेंस से जुड़े सामान खरीदकर दोनों देशों के बीच व्यापार के अंतर को कम कर सकता है.
तेल और गैस भी अहम मुद्दा
भारत की रिफाइनरियां मुख्य रूप से मीडियम सावर क्रूड ऑयल के हिसाब से बनी हैं. इसकी सप्लाई खाड़ी देशों और रूस से होती है. अमेरिकी कच्चे तेल को दूसरे ग्रेड के तेल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसकी भी एक सीमा है. पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के बीच रूस से मिलने वाले तेल की जगह तुरंत दूसरा ऑप्शन ढूंढना आसान नहीं है. दूसरी ओर, भारत ने अमेरिकी गैस की खरीद बढ़ाई है.
20 अक्टूबर को रुबियो की जयशंकर से मुलाकात
मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक समरकंद, मुंबई और जामनगर के दौरे पर हैं. मुंबई में 20 अक्टूबर को उनकी एस. जयशंकर से बातचीत करेंगे. इस बीच अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें भी सरकार के लिए एक बड़ी चिंता की बात है.
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