India-New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा. इस समझौते के तहत भारत के 100% एक्सपोर्ट को न्यूजीलैंड में जीरो ड्यूटी पर बाजार मिलेगा. इसके अलावा, न्यूजीलैंड ने अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश में मदद करने का वादा किया है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
5,000 भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलेगा वीजा
इस समझौते के तहत भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स के लिए टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीज का रास्ता भी बनाया गया है. इसके तहत 5,000 वीजा का कोटा तय किया गया है. इस वीजा पर भारतीय प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में तीन साल तक रह सकेंगे. दोनों देशों ने अगले पांच साल में आपसी कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) न्यूजीलैंड में अपना ऑफिस भी खोलेगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके.
डेयरी और प्याज जैसे सेक्टर को राहत
भारत ने इस समझौते में अपने कुछ अहम सेक्टर को सुरक्षा दी है. डेयरी प्रोडक्ट्स, प्याज, बादाम और चीनी जैसी चीजों पर न्यूजीलैंड को कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है. वहीं, भारतीय किसानों की मदद के लिए न्यूजीलैंड ने खेती की उत्पादकता बढ़ाने से जुड़ी साझेदारी का भरोसा दिया है. भारत और न्यूजीलैंड ने दिसंबर 2025 में इस समझौते पर बातचीत पूरी की थी. इसके बाद अप्रैल 2026 में दोनों देशों ने इस पर हस्ताक्षर किए. इसके लागू होने के बाद भारत के क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) समूह के लगभग सभी सदस्यों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट होंगे, सिर्फ चीन इससे बाहर रहेगा.
न्यूजीलैंड को भारत में क्या मिलेगा?
इस समझौते के तहत भारत न्यूजीलैंड से आने वाले सामानों के लिए अपनी 70% टैरिफ लाइनों पर छूट देगा. इससे दोनों देशों के बीच होने वाले कुल कारोबार के 95% हिस्से को फायदा मिलने की उम्मीद है.न्यूजीलैंड के सेब भारत में 25% इंपोर्ट ड्यूटी के साथ आएंगे. इनके लिए दूसरे साल में 35,000 मीट्रिक टन और छठे साल से 45,000 मीट्रिक टन का कोटा होगा. सेब का इंपोर्ट कोटा हर साल 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक रहेगा.
1.80 डॉलर प्रति किलो से महंगे कीवी फल को जीरो ड्यूटी पर लाने की सुविधा मिलेगी. इसका कोटा दूसरे साल 8,000 मीट्रिक टन और छठे साल से 15,000 मीट्रिक टन होगा. कीवी के लिए इंपोर्ट विंडो 1 अप्रैल से 15 अक्टूबर तक रहेगी.
न्यूजीलैंड से आने वाले एल्ब्यूमिन पर 11% ड्यूटी लगेगी. इसका कोटा दूसरे साल 1,500 मीट्रिक टन से बढ़कर पांचवें साल 3,000 मीट्रिक टन हो जाएगा. वहीं, न्यूजीलैंड से प्रमाणित मनुका शहद के लिए न्यूनतम इंपोर्ट कीमत 30 डॉलर प्रति किलो तय की गई है. इसका कोटा पहले साल 40 मीट्रिक टन और दूसरे साल से 200 मीट्रिक टन होगा. एल्ब्यूमिन और मनुका शहद के इंपोर्ट के लिए पूरे साल का समय मिलेगा.
भारत-न्यूजीलैंड कारोबार में 49% की बढ़त
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच सामानों का कारोबार 1.3 अरब डॉलर रहा. इसमें सालाना आधार पर 49% की बढ़त दर्ज की गई. अब नए समझौते से दोनों देशों के बीच एक्सपोर्ट, निवेश और कारोबार को और बढ़ाने की उम्मीद है.
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