विज्ञापन

WEF के बाद S&P और Fitch ने भी माना भारतीय इकोनॉमी का 'लोहा', बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान

S&P और Fitch ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है. जानिए 7.8% जून तिमाही की ग्रोथ के बाद क्या बदला.

WEF के बाद S&P और Fitch ने भी माना भारतीय इकोनॉमी का 'लोहा', बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान
Fitch के मुताबिक, बढ़ती महंगाई परिवारों की वास्तविक आय और खर्च पर दबाव डाल सकती है.
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों S&P ग्‍लोबल रेटिंग्‍स और फिच Ratings का भरोसा बढ़ा है. दोनों एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को बढ़ा दिया है. S&P ने GDP ग्रोथ का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 7% कर दिया है, जबकि Fitch ने इसे 6.4% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया है.

दोनों एजेंसियों ने जून तिमाही में भारत की उम्मीद से बेहतर 7.8% GDP ग्रोथ को अनुमान बढ़ाने की प्रमुख वजह बताया है.

जून तिमाही की 7.8% ग्रोथ ने बढ़ाया भरोसा

S&P के मुताबिक, जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया. मजबूत औद्योगिक गतिविधियों, अच्छी खपत, मजबूत वस्तु निर्यात और सरकारी निवेश में तेजी ने ग्रोथ को सहारा दिया.

जून तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही. हालांकि, इससे पिछली तिमाही में 8.6% की ग्रोथ के मुकाबले रफ्तार कुछ कम हुई, लेकिन इसके बावजूद आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं.

S&P ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए भी भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 7.2% और वित्त वर्ष 2028-29 के लिए 7% रखा है.

दूसरी छमाही में धीमी हो सकती है रफ्तार

रेटिंग एजेंसियों ने ग्रोथ को लेकर कुछ जोखिम भी बताए हैं. S&P का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है.

GST में बदलाव और आयकर में कटौती से मिलने वाला सपोर्ट धीरे-धीरे कम हो सकता है. इसके अलावा, कमजोर मॉनसून भी चिंता का कारण है.

S&P के मुताबिक, 9 सितंबर तक देश में संचयी बारिश सामान्य से 15% कम रही थी. कम बारिश से कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है और खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है.

Fitch को भी निजी निवेश से उम्मीद

Fitch ने भी जून तिमाही के मजबूत आंकड़ों के बाद भारत की ग्रोथ का अनुमान 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.9% कर दिया है.

हालांकि, एजेंसी ने आने वाले महीनों में ग्रोथ की रफ्तार धीमी होने की संभावना जताई है. PMI सर्वे के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में विस्तार की रफ्तार कुछ कम हुई है. कमजोर मॉनसून से खेती और ग्रामीण मांग पर असर पड़ने की आशंका भी है.

Fitch के मुताबिक, बढ़ती महंगाई परिवारों की वास्तविक आय और खर्च पर दबाव डाल सकती है. हालांकि, एजेंसी को निजी निवेश में तेजी की उम्मीद है और वित्त वर्ष 2026-27 में इसमें 10% से ज्यादा बढ़ोतरी का अनुमान है.

RBI की ब्याज दरों पर भी नजर

S&P का अनुमान है कि RBI इस वित्त वर्ष में ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे दर 5.5% हो सकती है.

वहीं, Fitch के मुताबिक अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट और 2027 की शुरुआत में एक और 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है.

यानी मजबूत GDP ग्रोथ के बावजूद महंगाई, कमजोर मॉनसून और पश्चिम एशिया में तनाव जैसे जोखिमों पर आने वाले महीनों में नजर बनी रहेगी.

ये भी पढ़ें: पंजाब में DA बढ़ोतरी को मंजूरी, 8 लाख कर्मचारियों को फायदा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India GDP, India GDP Growth, Indian Economy, Indian Economy 2026, Fitch Rating Agency
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com