जनवरी से मार्च 2026 के दौरान देश की GDP ग्रोथ शानदार रही है. इस दौरान देश की इकोनॉमी 7.8% की रफ्तार से बढ़ी, जबकि 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष में इकोनॉमिक ग्रोथ 7.7% रही. MoSPI यानी केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को ये आंकड़े जारी किए. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, ये ग्रोथ फरवरी के दूसरे अनुमान 7.6% से भी ज्यादा रही. बता दें कि साल 2024-25 में देश की रियल GDP ग्रोथ 7.1% रही थी. मार्च 2026 तिमाही से पहले अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में GDP ग्रोथ 8% रही थी.
346 लाख करोड़ के पार पहुंची नॉमिनल GDP
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में 7.1% की तुलना में 2025-26 के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की तेज गति से बढ़ी है. केंद्रीय मंत्रालय ने कहा, साल 2024-25 के लिए GDP के पहले संशोधित अनुमान (FRE) के 299.89 लाख करोड़ रुपये की तुलना में, 2025-26 में वास्तविक GDP (या स्थिर कीमतों पर GDP) के 323.12 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है.'
मौजूदा कीमतों पर GDP (या नॉमिनल GDP) के 2025-26 में 346.36 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में यह 318.07 लाख करोड़ रुपये था, इससे 8.9% की ग्रोथ रेट का पता चलता है.
GVA ग्रोथ 7.9% दर्ज की गई
देश की आर्थिक प्रगति को और करीब से दर्शाने वाली ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (GVA) ग्रोथ वित्त जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में 7.9% दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी GVA की विकास दर इतनी ही रही.
सांख्यिकी मंत्रालय ने इन GDP आंकड़ों को नए बेस ईयर 2022-23 के पैमाने पर कैलकुलेट किया है. बता दें कि समय के साथ इकोनॉमी में आने वाले बड़े बदलावों को शामिल करने के लिए समय-समय पर बेस ईयर बदला जाता है
GDP की नई सीरीज में बदलाव केवल 2022-23 को बेस ईयर को लेकर ही नहीं किया गया, बल्कि आर्थिक अनुमानों को ज्यादा पुख्ता बनाने के लिए इसमें अब घरों में काम करने वाले कुक/मेड, ड्राइवर और घरेलू स्टाफ सेवाओं से जुड़ा डेटा भी शामिल किया गया है. साथ ही GST नेटवर्क, EV डेटाबेस को भी शामिल किया गया है.
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