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मिडिल ईस्ट में टेंशन और टूटते रुपये के बीच भारत का पॉवर शो, फॉरेक्स रिजर्व $6.2 अरब का आया उछाल

भारत के लिए ये सुरक्षा कवच की तरह है. जब दुनिया की कई बड़ी इकोनॉमी मंदी और मुद्रास्फीति से जूझ रही हैं, तब भारत के पास करीब 700 अरब डॉलर का ये फंड किसी भी वित्तीय झटके को झेलने के लिए काफी है.

मिडिल ईस्ट में टेंशन और टूटते रुपये के बीच भारत का पॉवर शो, फॉरेक्स रिजर्व $6.2 अरब का आया उछाल

दुनिया में इस समय उठा-पटक का दौर चल रहा है. ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक बाजार में कोहराम मचा रखा है. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई का डर बैठ गया है. इस चौतरफा दबाव के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (All-time low) पर है. लेकिन, कहते हैं ना कि संकट के समय ही असली सिकंदर की पहचान होती है. इस वैश्विक टेंशन के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने वो कर दिखाया है, जिसने दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरान कर दिया.

विदेशी मुद्रा भंडार में आया बड़ा उछाल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है. 8 मई 2026 को पूरे हुए हफ्ते में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 6.295 अरब डॉलर की छलांग लगाकर 696.988 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

रुपया कमजोर, फिर खजाना कैसे भरा?

आम तौर पर जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो भारत को आयात के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार खाली होने लगता है. ऊपर से रुपये की कमजोरी आग में घी का काम करती है. लेकिन इस बार कहानी अलग है. जानकारों का मानना है कि फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा यानी फॉरेन करेंसी एसेट्स, जिसमें डॉलर के अलावा यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन करेंसी आती हैं, इस सप्ताह तेजी से बढ़ा. दूसरी तरफ वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोने की कीमतों में आई तेजी ने भी भारत के खजाने की वैल्यू को तगड़ा बूस्ट दिया.

क्यों खास है ये कामयाबी?

भारत के लिए ये सुरक्षा कवच की तरह है. जब दुनिया की कई बड़ी इकोनॉमी मंदी और मुद्रास्फीति से जूझ रही हैं, तब भारत के पास करीब 700 अरब डॉलर का ये फंड किसी भी वित्तीय झटके को झेलने के लिए काफी है. ये रिजर्व ना केवल रुपये को और ज्यादा गिरने से बचाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख को और मजबूत करेगा.

पीएम मोदी ने किया था विदेशी मुद्रा भंडार का जिक्र

पीएम मोदी ने अपनी एक जनसभा में विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए अपील की थी. उन्होंने कहा था कि देशवासी अभी एक साल के लिए सोना ना खरीदे, जरूरत ना हो तो विदेशी यात्रा ना करें, देश में बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें. 

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