7th Pay Commission - 8th Pay Commission: देश के 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है. सैलरी, पेंशन, प्रोमोशन, भत्ते और स्वास्थ्य सुविधाएं समेत कई जरूरी मुद्दों पर सरकार के साथ नेशनल काउंसिल (JCM) की मीटिंग होने वाली है. केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव TV सोमनाथन की अध्यक्षता में NC-JCM की 49वीं मीटिंग होने वाली है. इस हाई लेवल मीटिंग की तारीख नोट कर लीजिए- 11 मई, 2026 यानी आने वाले सोमवार को ये मीटिंग होगी. दिल्ली के सेवा तीर्थ स्थित कैबिनेट सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में दोपहर 3 बजे से शुरू होगी. केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (DoP&T) ने इस हाई लेवल मीटिंग के उन एजेंडों के बारे में भी बताया है, जिन पर आधिकारिक तौर पर बात होगी. मीटिंग में कर्मचारियों के प्रोमोशन, चिकित्सा सुविधाओं और पेंशन से जुड़े 24 गंभीर मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा.
कर्मचारी-पेंशनर्स के किन मुद्दों पर होगी बात?
- सैलरी विसंगतियां दूर करना: शिक्षा-चिकित्सा भत्ते से जुड़ी वेतन विसंगतियां दूर करना (प्वाइंट 4 और 13 भी देखें)
- मेडिकल खर्च: अस्पताल के वास्तविक खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति (Full Reimbursement) सुनिश्चित करना.
- अतिरिक्त पेंशन: 65, 70 और 75 वर्ष की आयु से ही अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत.
- मेडिकल भत्ता: CGHS से बाहर रहने वाले पेंशनर्स के लिए FMA ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करना.
- पारिवारिक पेंशन: विधवा बहू को पेंशन का हक और पेंशन राशि को 30% से बढ़ाकर 100% करना.
- दंत चिकित्सा: दांतों के इलाज और डेंचर के खर्च की सरकारी प्रतिपूर्ति.
- प्रमोशन विसंगति: DPC में देरी होने पर कर्मचारियों को पुरानी तारीख से (Notional) प्रमोशन का लाभ.
- अनुकंपा नियुक्ति: 5% की अधिकतम सीमा (Ceiling) को खत्म करना.
- न्यूनतम सेवा: प्रोमोशन के लिए जरूरी न्यूनतम सेवा अवधि में कटौती.
- नियम 56(J): कर्मचारियों को समय से पहले रिटायर करने वाले विवादास्पद नियम 56(J) को वापस लेना.
- मातृत्व अवकाश: दो से अधिक बच्चे होने पर भी महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश का लाभ.
- संविदा श्रमिक: कैजुअल और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन.
- शिक्षा भत्ता: नई शिक्षा नीति के तहत 6 वर्ष की आयु वाले बच्चों के लिए CEA का सुचारू भुगतान.
इन मुद्दों के अलावा भी और कई छोटे-बड़े मुद्दे हैं, जिनपर इस मीटिंंग में बात होगी. नीचे मुद्दों के बारे में थोड़े और विस्तार से पढ़ा जा सकता है.
मेडिकल रीम्बर्समेंट और CGHS सुविधाओं में सुधार
बैठक का एक प्रमुख एजेंडा केंद्र सरकार के कर्मचारियों को चिकित्सा उपचार पर होने वाले वास्तविक खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति (Full Reimbursement) दिलाना है. स्टाफ साइड का कहना है कि अस्पताल अक्सर तय पैकेज रेट से ज्यादा चार्ज लेते हैं, जिसका बोझ कर्मचारियों पर पड़ता है. इसके अलावा, CS(MA) नियमों के तहत आने वाले कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चिकित्सा लाभ के लिए चुनने का विकल्प देने पर भी विचार किया जाएगा. साथ ही, सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए दांतों के इम्प्लांट और डेंचर के खर्च की प्रतिपूर्ति की मांग भी एजेंडे में शामिल है.

पेंशनर्स के लिए अतिरिक्त पेंशन और भत्ते की मांग
पेंशनभोगियों के लिए संसदीय स्थाई समिति की सिफारिशों को लागू करना एक बड़ा मुद्दा है. इसमें 80 वर्ष से पहले ही अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत करने का प्रस्ताव है, जैसे कि 65 वर्ष की आयु पर 5%, 70 वर्ष पर 10% और 75 वर्ष पर 15% अतिरिक्त पेंशन. इसके साथ ही, CGHS क्षेत्रों से बाहर रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए 'निश्चित चिकित्सा भत्ता' (FMA) को वर्तमान 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये/माह करने की मांग की गई है.
पारिवारिक पेंशन और आश्रितों के नियमबैठक में पारिवारिक पेंशन (Family Pension) की विसंगतियों पर भी चर्चा होगी. स्टाफ साइड ने मांग की है कि विधवा आश्रित बहू को भी पारिवारिक पेंशन के लिए 'परिवार' की परिभाषा में शामिल किया जाए.
साथ ही, पारिवारिक पेंशन की राशि को मृतक कर्मचारी की अंतिम पेंशन के बराबर (100%) करने का प्रस्ताव है, जो अभी वर्तमान में केवल 30% है. विकलांग बच्चों को पारिवारिक पेंशन मिलने में होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए मेडिकल बोर्ड प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को हटाने पर भी विचार होगा.
प्रमोशन और MACP से जुड़ी विसंगतियां
प्रमोशन में देरी के कारण कर्मचारियों को होने वाले वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए 'नोशनल प्रमोशन' (Notional Promotion) देने की मांग की जा रही है. एजेंडे में फार्मासिस्टों के MACP हकदारी और उन कर्मचारियों को वेतन निर्धारण का लाभ देने का मुद्दा भी शामिल है, जिन्हें MACP मिलने के बाद पदोन्नति मिली है. इसके अतिरिक्त, ग्रुप 'C' कर्मचारियों के करियर की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम अर्हक सेवा (Qualifying Service) को कम करने पर चर्चा होगी.
नीचे PDF में देखें डिटेल (Slide करें)
अनुकंपा नियुक्ति और अन्य सुधारों पर भी बात
अनुकंपा नियुक्तियों (Compassionate Appointment) पर लगी 5% की सीमा को हटाने की मांग एक बार फिर कैबिनेट सचिव के सामने रखी जाएगी. रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में रुकी हुई अनुकंपा नियुक्तियों को फिर से शुरू करने का दबाव भी सरकार पर है. इसके अलावा, संविदा और आउटसोर्स श्रमिकों के नियमितीकरण और उन्हें संघ बनाने का अधिकार देने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी वार्ता होगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं