DA-DR Hike Update: जनवरी-फरवरी गई, मार्च भी बीता, अब आधा अप्रैल भी बीत गया. DA यानी महंगाई भत्ते के लिए केंद्रीय कर्मियों के सब्र का बांध अब टूटता दिख रहा है. ऐसे में केंद्रीय कर्मियों के संगठन ने प्रोटेस्ट का फैसला लिया है. आज गुरुवार, 16 अप्रैल को केंद्रीय कर्मी बकाया DA और पेंशनर्स के लिए DR की मांग पर विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं. कर्मचारी सड़क पर भी उतर सकते हैं, भले ही एक घंटे के लिए ही सही! एक संगठन के पदाधिकारी ने NDTV को बताया कि CCGEW यानी कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्र्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है. इस विरोध प्रदर्शन में कई विभागों के कर्मी शामिल होने वाले हैं.
कैबिनेट सचिव को पत्र
कर्मचारी संगठन का कहना है कि कई वर्षों में पहली बार इतनी देरी होती दिख रही है. महंगाई भत्ते का इंतजार लंबा होता जा रहा है. उनके मन में एक आशंका भी तैरने लगी है कि कहीं कोविड काल की तरह DA फ्रीज न कर दिया जाए. CCGEW ने ऐसे में प्रोटेस्ट का फैसला लिया है और इस बारे में कैबिनेट सचिव को भी सूचित किया है. अपने पत्र में संगठन ने लिखा है कि CCGEW के सदस्य 16 अप्रैल, 2026 को अपने-अपने कार्यस्थलों पर दोपहर के भोजन के समय (लंच-ऑवर) विरोध प्रदर्शन करेंगे. संगठन ने साफ किया है कि इस प्रदर्शन के पीछे एकमात्र मांग 1 जनवरी, 2026 से लागू होने वाले DA और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) की तत्काल घोषणा है.
कई विभागों के कर्मियों का प्रदर्शन
बताया गया है कि कई विभागों के कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं, जिनमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, डाक विभाग, कृषि विभाग, बॉटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जैसे विभाग के कर्मचारी शामिल हैं. कर्मचारियों की मुख्य चिंता DA-DR में हो रही देरी को लेकर है. 2016 में 7वें वेतन आयोग की शुरुआत के बाद से, DA बढ़ोतरी की घोषणाएं आमतौर पर समय पर ही या फिर थोड़ी देरी से होती रही हैं. लेकिन इस बार तय समय-सीमा बीत जाने के महीनों बाद भी कोई ऐलान या आश्वासन तक नहीं आया है.
DA Hike पर अन्य 2 बड़े अपडेट
महंगाई भत्ते में देरी को लेकर हो रही चिंताओं के बीच 2 और बड़े अपडेट्स ये हैं कि अलग-अलग संगठनों ने इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों CCGAW यानी 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' और AINPSEF यानी 'ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन' ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और जल्द से जल्द DA बढ़ोतरी की घोषणा करने का आग्रह किया है.
ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने NDTV से बातचीत में कहा कि वित्त मंत्री को लिखे पत्र में इस ओर ध्यान दिलाया गया है कि इस देरी से कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस देरी से कर्मचारियों में ये डर बैठ गया है कि कहीं कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन पीरियड की तरह इस बार भी महंगाई भत्ता 'फ्रीज' न कर दिया जाए.
दूसरी ओर CCGAW के महासचिव एसबी यादव ने भी वित्त मंत्री को पत्र लिखा है. इसमें संगठन ने कहा है कि आमतौर पर जनवरी से लागू होने वाले DA/DR की घोषणा मार्च के आखिरी हफ्ते तक हो जाती है और अप्रैल के पहले हफ्ते में तीन महीने का एरियर मिल जाता है. लेकिन इस बार अब तक ऐसा न होने से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भारी असंतोष और आशंका का माहौल है.'
58% से बढ़कर 60-61% हो सकता है DA
फिलहाल केंद्रीय कर्मियों को मूल वेतन का 58% महंगाई भत्ता मिलता है. इस बार 2 से 3% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसके बाद ये बढ़कर 60-61% तक पहुंच सकता है. कई कर्मचारियों को उम्मीद थी कि मार्च की शुरुआत में होली के आस-पास इसकी घोषणा हो जाएगी, जैसा कि पिछले सालों में अक्सर होता रहा है. लेकिन अब जब अप्रैल भी आधा बीत चुका है, तब भी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. इस देरी का असर पेंशनर्स पर भी पड़ा है, क्योंकि महंगाई राहत (DR) की घोषणा भी DA में होने वाले संशोधन से ही जुड़ी होती है. बता दें कि DA में सबसे हालिया बढ़ोतरी की घोषणा अक्टूबर 2025 में की गई थी और यह जुलाई 2025 से लागू हुआ था. कर्मचारियों को उस अवधि का बकाया (एरियर) भी मिल चुका है. लेकिन, अगली किस्त, जो कि जनवरी 2026 से लागू हो जानी चाहिए थी, अब तक अटकी हुई है.
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