विज्ञापन

सोने में आई तेजी कब तक रहेगी बरकरार? जानें क्या कह रही ताजा रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी यूरोप, पश्चिम एशिया और एशिया में बढ़ते वैश्विक तनाव के साथ व्यापार तनाव और शुल्क संबंधी व्यवधानों के कारण मुद्रास्फीति और मुद्रा अस्थिरता में वृद्धि हुई है. इन घटनाक्रमों ने अनिश्चितता के समय में एक तटस्थ और विश्वसनीय परिसंपत्ति के रूप में सोने को और अधिक आकर्षक बना दिया है.

सोने में आई तेजी कब तक रहेगी बरकरार? जानें क्या कह रही ताजा रिपोर्ट
सोने की बढ़ती कीमतों पर एक्सपर्ट की राय.
  • वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बदलावों के कारण सोने में दीर्घकालिक तेजी बनी रहने की उम्मीद है
  • 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में तेजी इतिहास में सबसे मजबूत दीर्घकालिक तेजी के दौर में से एक
  • अगले बारह महीनों में सोने की कीमत लगभग छह हजार डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

वैश्विक स्तर पर डॉलर के प्रभाव में कमी, राजकोषीय दबाव और बढ़ते वैश्विक तनावों के कारण दुनिया में वित्तीय व्यवस्था में हो रहे बदलावों को देखते हुए सोने का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है और इसमें तेजी बने रहने की उम्मीद है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. (एमओएफएसएल) ने सोने पर अपनी तिमाही रिपोर्ट में कहा कि 2026 की शुरुआत में सोने की कीमत 5,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई. यह आधुनिक इतिहास में सबसे मजबूत दीर्घकालिक तेजी के दौर में से एक है.

ये भी पढ़ें- Gold Silver Price Today Live : फिर चांदी की चमक पड़ी फीकी, सोना भी धड़ाम, जानें ताजा भाव

12 महीनों में और बढ़ सकती है सोने की कीमत

रिपोर्ट के अनुसार, सोना ‘संरचनात्मक रूप से पुनर्मूल्यांकन चरण' में प्रवेश कर चुका है. यह चक्रीय तेजी के बजाय एक नए ‘सुपरसाइकल' की शुरुआत का संकेत है. एमओएफएसएल को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में कॉमेक्स सोने की कीमत 6,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस (घरेलू बाजार में 1.85 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के आसपास स्थिर होगी. अगर वैश्विक स्तर पर तनाव और राजकोषीय उपाय तेज होते हैं तो मध्यम अवधि में यह 7,500 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच सकती है.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के जिंस शोध मामलों के प्रमुख नवनीत दमानी ने कहा, "सोने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है. जैसे-जैसे वैश्विक भंडार धीरे-धीरे डॉलर-केंद्रित परिसंपत्तियों से हटकर विविधीकरण की ओर बढ़ रहे हैं और भौतिक आपूर्ति सीमित बनी हुई है, सोने की कीमत 5,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आसपास और उससे ऊपर बनी रहने की संभावना है."

दमानी ने कहा कि यह चक्र न केवल मुद्रास्फीति से, बल्कि राजकोषीय और मौद्रिक प्रणालियों में विश्वास का भी परिणाम है. रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच वास्तविक ब्याज दर सकारात्मक होने पर भी सोने की कीमतों में वृद्धि जारी रही, जबकि आमतौर इस स्थिति में कीमतें गिरती हैं.

सोने पर क्या है एक्सपर्ट की राय?

मोतीलाल ओसवाल के जिंस मामलों के विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि सकारात्मक वास्तविक ब्याज दरों के बावजूद सोने की मजबूती निवेशकों की सोच में एक स्पष्ट बदलाव दर्शाती है. वास्तविक प्रतिफल को तेजी से अस्थायी और नीति-संचालित माना जा रहा है, जिससे सोना रखने की लागत कम हो जाती है और व्यापक वित्तीय जोखिमों के खिलाफ सुरक्षा के रूप में इसकी भूमिका मजबूत होती है.

रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी यूरोप, पश्चिम एशिया और एशिया में बढ़ते वैश्विक तनाव के साथ व्यापार तनाव और शुल्क संबंधी व्यवधानों के कारण मुद्रास्फीति और मुद्रा अस्थिरता में वृद्धि हुई है. इन घटनाक्रमों ने अनिश्चितता के समय में एक तटस्थ और विश्वसनीय परिसंपत्ति के रूप में सोने को और अधिक आकर्षक बना दिया है.

सोने पर क्या कहती है रिपोर्ट?

दमानी ने कहा कि जैसे-जैसे राजकोषीय दबाव बढ़ता है और मौद्रिक स्वतंत्रता पर सवाल उठते हैं, गैर-सरकारी मुद्रा के रूप में सोने की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, जिससे मांग में संरचनात्मक बदलाव आया है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सीमित खदान उत्पादन, प्रमुख बाजारों में घटते भंडार और बढ़ती उत्पादन लागत के कारण वैश्विक भौतिक आपूर्ति में कमी ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को उच्चस्तर पर बनाये रखा है. घरेलू बाजार में, रुपये के मूल्य में गिरावट और खुदरा खरीदारों की मजबूत लिवाली से मांग में वृद्धि हुई है.

केंद्रीय बैंक भी लगातार सोना खरीद रहे हैं. अपने भंडार में विविधता लाने और डॉलर-आधारित परिसंपत्तियों पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार चार साल से प्रतिवर्ष लगभग 1,000 टन सोना खरीद रहे हैं. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि भंडार में विविधता, सीमित आपूर्ति वृद्धि और जारी वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेश व्यवहार प्रभावित होता रहेगा और सोने को दीर्घकालिक रूप से अच्छा समर्थन मिलता रहेगा.

इनपुट- भाषा

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com