- सोना निवेशकों की पहली पसंद रहा है क्योंकि यह आर्थिक अनिश्चितता और राजनीतिक तनाव के समय सुरक्षित माना जाता है
- चांदी की मांग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है
- मोतीलाल ओसवाल के अनुसार चांदी की तेजी लगभग पूरी हो चुकी है और अब जोखिम कम करने के लिए सोना बेहतर विकल्प है
Gold vs Silver Return: अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सेफ और मुनाफे वाली जगह में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि सोना खरीदें या चांदी? बाजार के अभी के हालातों और ग्लोबल डिमांड को देखते हुए चांदी की चमक अपना जलवा बिखेर रही है. पर पैसा लगाने से पहले एक्सपर्ट की राय भी बेहद जरूरी होती है. ऐसे में मोतीलाल ओसवाल के एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को सलाह देते हुए बताया है कि सोना या फिर चांदी कहां भरोसा किया जा सकता है.
आइए जानते हैं कि आपके पोर्टफोलियो के लिए इस समय कौन सा मेटल सबसे ज्यादा सही साबित होगा.
सोने की सेफ हेवन वाली मजबूती
सोना हमेशा से निवेशकों की पहली पसंद रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब भी दुनिया में राजनीतिक तनाव या फिर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, सोने के दाम आसमान छूने लगते हैं. महंगाई को रोकने में सोना बेहद कारगर साबित हुआ है. अगर आप लंबी अवधि और कम जोखिम के लिए सोच रहे हैं, तो सोना एक शानदार विकल्प है.

चांदी ने किया कमाल
चांदी ने पिछले कुछ समय में ऐसा जादू चलाया है कि हर निवेशक इसकी तरफ खीचा चला आ रहा है. चांदी सिर्फ ज्वेलरी तक ही नहीं बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में इसकी भारी डिमांड है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि औद्योगिक मांग के चलते चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ सकती हैं. अगर बाजार में तेजी आती है, तो चांदी अक्सर सोने को रिटर्न के मामले में पीछे छोड़ देती है.
एक्सपर्ट की राय
गोल्ड-सिल्वर रेशियो
मार्केट एक्सपर्ट्स अक्सर गोल्ड-सिल्वर रेशियो पर नजर रखते हैं. अगर यह रेशियो बहुत ज्यादा होता है, तो इसका मतलब है कि चांदी फिलहाल सस्ती है और इसमें निवेश किया जा सकता है.
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