Gold Silver Prices Today: इंटरनेशनल मार्केट में शुक्रवार को सोने की चमक फीकी पड़ गई. यहां भारत में भी सोने-चांदी के दाम में गिरावट देखी जा रही है. पहले बात इंटरनेशनल मार्केट की कर लें, जहां स्पॉट गोल्ड 0.5% की गिरावट के साथ 4,576.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर 0.8% घटकर 4,629.00 डॉलर दर्ज किया गया. रॉयटर्स के मुताबिक, जैक्सन होल सिंपोजियम (Jackson Hole Symposium) में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के भाषण से ठीक पहले शुक्रवार को ये गिरावट देखी गई.
हालांकि इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड को समर्थन देने के ऐलान के बाद सोना तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया था. विश्लेषकों का मानना है कि केविन वॉर्श अपने भाषण में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख (Hawkish) अपना सकते हैं.
भारत में भी गिरे सोने-चांदी के दाम
देश में भी आज शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन वाले दिन सोने के भाव में हल्की नरमी देखी जा रही है. वहीं चांदी की कीमतों में भी थोड़ी कमी आई है. MCX पर सोना 1.58 लाख रुपये/10 ग्राम के करीब ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी हल्की गिरावट के साथ 2.40 लाख रुपये/किलो के पार ट्रेड कर रहा है. घरेलू कमोडिटी मार्केट में 5 अक्टूबर की डिलीवरी वाला गोल्ड सुबह 10:30 बजे के करीब, 0.41 फीसदी या 660 रुपये की गिरावट के साा 1,58,337 रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा. वहीं 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी, 0.27 फीसदी या 649 रुपये की गिरावट के साथ 2,40,002 रुपये के भाव पर कारोबार करती दिखी.

इंटरनेशनल मार्केट में दिख सकती है नरमी?
स्टोनएक्स के सीनियर एनालिस्ट मैट सिम्पसन के मुताबिक, केविन वॉर्श अपने भाषण में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख (Hawkish) अपना सकते हैं औैर इसीआशंका के चलते शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में कुछ और नरमी देखने को मिल सकती है. हालांकि, उनका यह भी कहना है कि बाजार के बड़े निवेशक (बुल्स) इस गिरावट को एक बेहतरीन मौके के रूप में देखेंगे, जो सोने के भाव को दोबारा 5,000 डॉलर के स्तर तक ले जाने की तैयारी में हैं.
हाल ही में आए आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई तक के 12 महीनों में फेड का प्रमुख महंगाई सूचकांक (PCE) 3.7% पर रहा, जिससे केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने महंगाई को लेकर चिंता जताई है. सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, व्यापारियों को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 33.9% और दिसंबर तक 74% संभावना नजर आ रही है. आमतौर पर ऊंची ब्याज दरों के दौर में सोने का आकर्षण कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई रिटर्न नहीं मिलता है.
इसके बावजूद, OCBC के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग का कहना है कि एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में बढ़ती दिलचस्पी और अमेरिकी राजकोषीय स्थिति को लेकर चिंताएं सोने को लंबे समय तक सपोर्ट देती रहेंगी. इस बीच, अन्य कीमती धातुओं में भी सुस्ती दर्ज की गई. स्पॉट सिल्वर 1% गिरकर 68.54 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि पैलेडियम और प्लैटिनम में भी गिरावट दर्ज की गई है.
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