- MCX पर 29 जनवरी को चांदी की कीमत पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई है.
- सोने की कीमत भी बढ़कर 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंची है.
- ग्लोबल मार्केट में तनाव और कमजोर भारतीय रुपया सोना-चांदी की कीमतों को तेजी से बढ़ाने की वजह बन रहे हैं.
Gold-Silver Price on Jan 29: भारतीय सराफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों ने आज इतिहास रच गया है. गुरुवार, 29 जनवरी की सुबह एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया है. वहीं, सोने ने भी लंबी छलांग लगाते हुए 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर को छू लिया है.
सिर्फ कुछ ही घंटों के कारोबार में सोने-चांदी की कीमतों में 6% से 8% तक की भारी बढ़त देखी गई है.
चांदी में तूफानी तेजी, पहली बार 4 लाख के पार
चांदी की कीमतों में आज जो तेजी देखी गई है, उसने सबको हैरान कर दिया है. चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई. गुरुवार सुबह कारोबार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 22,090 रुपये प्रति किलो उछलकर 4,07,456 रुपये प्रति किलो के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई.यानी एक ही दिन में करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.
ऑल टाइम हाई पर पहुंचा गोल्ड
सोने की बात करें तो फरवरी डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर भी पीछे नहीं रहा. फरवरी डिलीवरी वाला सोना एमसीएक्स पर करीब 14,500 रुपये महंगा होकर 1,80,501 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है. घरेलू बाजार में यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.
ग्लोबल मार्केट से मिला मजबूत सपोर्ट
विदेशी बाजारों में भी सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. अमेरिका के कॉमेक्स एक्सचेंज पर सोना पहली बार 5600 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चला गया. अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 5 प्रतिशत की तेजी के साथ 5626 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया.
चांदी ने भी वहां इतिहास रच दिया. कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 119 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को छू गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस तेजी का सीधा असर भारतीय कीमतों पर भी देखने को मिला.
सोना और चांदी में क्यो और रही तेजी, ये हैं 3 बड़ी वजहें
कमजोर रुपया बना बड़ी वजह
जानकारों का कहना है कि रुपये की कमजोरी ने घरेलू बाजार में कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है. भारतीय रुपया आज लगभग अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के के करीब पहुंच गया है जब रुपया कमजोर होता है तो आयात होने वाले सोने और चांदी की कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं. साथ ही, डॉलर की कमजोरी ने भी कीमतों को ऊपर चढ़ने में मदद की है.
निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर कर रहे रुख
अमेरिका में जारी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता, जिसकी वजह से दुनिया भर के निवेशक 'सेफ हेवन' यानी सुरक्षित निवेश के तौर पर बुलियन (Gold-Silver) को चुन रहे हैं.महंगाई और अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशक जमकर सोना और चांदी खरीद रहे हैं. इसका असर यह हुआ कि आज भारतीय बाजार में सोने और चांदी दोनों ने नए रिकॉर्ड बना दिए.
सोने से ज्यादा क्यों चमक रही चांदी?
इंडस्ट्रीज में चांदी की बढ़ती मांग और दुनिया भर के बाजारों में इसके कम होते स्टॉक की वजह से कीमतों में यह 'आग' लगी है. एक्सपर्ट के मुताबिक हाल के दिनों में चांदी की मांग ज्यादा मजबूत रही है. एक तरफ इंडस्ट्रियल यानी फैक्ट्री और टेक से जुड़ी मांग बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर भी लोग चांदी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. कमजोर डॉलर ने भी चांदी को सपोर्ट दिया है, इसी वजह से चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है.
क्या अभी और बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम?
एक्सपर्ट का मानना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट में तनाव कम नहीं होता और डॉलर में स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का यह रुख बना रह सकता है. आम लोगों के लिए शादी-ब्याह के सीजन में यह खबर थोड़ी परेशान करने वाली हो सकती है.हालांकि इतनी तेज बढ़त के बाद बीच बीच में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है, इसलिए आगे उतार चढ़ाव बना रह सकता है.
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