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12 करोड़ लीटर पेट्रोल, 25 करोड़ लीटर डीजल... यूपी से महाराष्ट्र तक ईंधन की खपत में कौन सा राज्य किस नंबर पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए अपील की है. देश में पेट्रोल-डीजल का उपभोग किस राज्य में कितना है, आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश, पंजाब से लेकर अन्य राज्यों का हाल

12 करोड़ लीटर पेट्रोल, 25 करोड़ लीटर डीजल... यूपी से महाराष्ट्र तक ईंधन की खपत में कौन सा राज्य किस नंबर पर
Petrol Diesel : पेट्रोल डीजल की खपत
नई दिल्ली:

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आधार पर भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत बताई गई है.  भारत में डीजल की सालाना खपत 91 से 94 मिलियन मीट्रिक टन है. जबकि पेट्रोल की खपत 39.8 से 42.6 मिलियन मीट्रिक टन है. अगर इसे रोजाना औसत खपत के आधार पर देखा जाए तो 25-26 करोड़ डीजल और 11-12 करोड़ लीटर पेट्रोल का उपभोग होता है. डीजल (HSD) का सबसे ज्यादा इस्तेमाल व्यावसायिक और उद्योगों में होता है.

डीजल की खपत

  • परिवहन: 70% ट्रक, बसें, टैक्सी और एलसीवी
  • निजी वाहन : 12-13% (कारें) 
  • कृषि : 13% (ट्रैक्टर, पंप सेट और हार्वेस्टर)
  • उद्योग: 17% (मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल टॉवर और जनरेटर)

पेट्रोल की खपत 

  • दोपहिया वाहन: 62% 
  • निजी कारें: 35%
  • अन्य: 3%

पेट्रोल की खपत कहां ज्यादा कहां कम

पेट्रोल-डीजल की थोक और खुदरा खपत को देखा जाए तो रिटेल सेक्टर में 90 फीसदी खपत होती है. इसमें आम जनता (निजी कार/बाइक) और छोटे ट्रांसपोर्ट वाहन शामिल हैं, जो पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाते हैं. थोक में उपभोग की बात करें तो सरकारी विभाग, रेलवे में करीब 2 फीसदी खपत होती है. राज्य परिवहन निगम, सेना और बड़े उद्योग भी सीधे तेल कंपनियों से थोक में खरीदारी करते हैं.

सबसे ज्यादा आबादी वाले यूपी में खपत सबसे ज्यादा

देश की सबसे बड़ी आबादी वाला उत्तर प्रदेश डीजल और पेट्रोल दोनों की खपत में पहले स्थान पर है. महाराष्ट्र औद्योगिक और परिवहन गतिविधियों के कारण दूसरे स्थान पर है. गुजरात और तमिलनाडु भी औद्योगिक मांग और बंदरगाहों के कारण डीजल की भारी खपत करते हैं.

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पेट्रोल-डीजल खपत की वजह

  1. उत्तर प्रदेश : विशाल जनसंख्या, कृषि (ट्रैक्टर/पंप) और एक्सप्रेसवे का बड़ा जाल
  2. महाराष्ट्र : सबसे अधिक निजी कारें, औद्योगिक क्लस्टर और मुंबई-पुणे जैसे बड़े मेट्रो शहर
  3. गुजरात : बंदरगाहों (Ports) और भारी उद्योगों के कारण डीजल की भारी मांग
  4. तमिलनाडु : ऑटोमोबाइल हब और टू-व्हीलर की बहुत अधिक संख्या
  5. राजस्थान : पर्यटन और लंबी दूरी के सड़क परिवहन (लॉजिस्टिक्स) पर निर्भरता
  6. कर्नाटक : बेंगलुरु में आईटी हब और बढ़ती निजी वाहनों की संख्या

यूपी, पंजाब, हरियाणा में इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में खेती के सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान डीजल की खपत में 15-20% का उछाल आता है.दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बढ़ते चलन के कारण पेट्रोल की मांग में वृद्धि दर स्थिर है. 

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महाराष्ट्र और गुजरात में खपत 

महाराष्ट्र और गुजरात देश की कुल डीजल खपत का लगभग 25% हिस्सा कवर करते हैं, क्योंकि यहां से माल ढुलाई का मुख्य गलियारा गुजरता है.दक्षिण भारतीय राज्यों में पेट्रोल की खपत अधिक है क्योंकि वहां प्रति व्यक्ति बाइक की संख्या उत्तर भारत से अधिक है.
 

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