
- उर्जित पटेल को केंद्र सरकार ने तीन साल के लिए इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है.
- उर्जित पटेल ने सितंबर 2016 में रघुराम राजन के बाद RBI के 24वें गवर्नर के रूप में कार्यभार संभाला था.
- दिसंबर 2018 में उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया था.
भारत के पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल (Urjit Patel) को इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है.
कार्मिक मंत्रालय (Personnel Ministry) की ओर से 28 अगस्त को जारी आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमेटी ने उर्जित पटेल की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. अब वे IMF में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.
RBI में रहा अहम कार्यकाल
सितंबर 2016 में रघुराम राजन के बाद उर्जित पटेल ने 24वें गवर्नर के तौर पर 4 सितंबर 2026 को रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की कमान संभाली थी. हालांकि दिसंबर 2018 में उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था. उस समय उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया था. वे 1990 के बाद केद्रीय बैंक के पहले ऐसे गवर्नर (Central Bank Governor) बने जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ दिया.
IMF से पहले भी रहा है जुड़ाव
यह पहली बार नहीं है जब उर्जित पटेल का IMF से जुड़े हैं. साल 1996-97 में वे IMF से डिप्यूटेशन पर RBI में आए थे और उस दौरान उन्होंने डेब्ट मार्केट, बैंकिंग सेक्टर रिफॉर्म, पेंशन फंड रिफॉर्म्स और फॉरेन एक्सचेंज मार्केट पर सलाह दी थी. इसके बाद 1998 से 2001 तक वे वित्त मंत्रालय में कंसल्टेंट रहे.
सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में निभी चुके हैं अहम जिम्मेदारी
RBI गवर्नर और डिप्टी गवर्नर के अलावा उर्जित पटेल (Former RBI Governor Urjit Patel) ने कई अहम पदों पर काम किया है. वे पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में भी अलग-अलग भूमिकाएं निभा चुके हैं. अब IMF (International Monetary Fund) में उनकी नियुक्ति को भारत की आर्थिक और वित्तीय रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
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