इस साल के अंत तक अमेरिका की ओर से 50 फीसदी टैरिफ लागू रहने की स्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर में होने वाली मॉनिटरी पॉलिसी में खुशखबरी दे सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक (RBI) दिसंबर में नीतिगत दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है. इस कटौती के बाद रेपो रेट घटकर 5.25 फीसदी रह जाएगी. मंगलवार को एक रिपोर्ट में ये संभावना जताई गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई वर्षों के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है, जिससे आरबीआई को मौद्रिक नीति में ढील देने की अधिक गुंजाइश मिल गई है.
राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है सरकार
HSBC की ओर से संकलित किए गए आंकड़ों के अनुसार सरकार, इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए नए आर्थिक सुधारों के साथ-साथ एक्सपोर्टर्स के लिए एक राहत पैकेज का एलान कर सकती है. सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई सालाना आधार पर 1.5 फीसदी रही, जो जून 2017 के बाद से सबसे कम है क्योंकि खाद्य कीमतें काफी नीचे में चली गईं.
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इन वजहों से कम हुई महंगाई
GST रिफॉर्म्स को महंगाई की एक वजह बताया जा रहा है. वहीं रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई में गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों की कीमतें कम होना, अनाज के अच्छे उत्पादन और पर्याप्त भंडार वाले अन्न भंडारों के कारण दर्ज की गई है. खाद्य पदार्थों की कीमतों में वार्षिक और क्रमिक दोनों रूप में गिरावट आई है, अगस्त में भारी बारिश के कारण सब्जियों की कीमतों में आई तेजी के बाद कीमतों में फिर से गिरावट दर्ज की गई.
The month over month change in WPI for the month of September, 2025 stood at (-) 0.19% as compared to August, 2025: Ministry of Commerce & Industry pic.twitter.com/ny902xWolM
— ANI (@ANI) October 14, 2025
अनाज और दालों की कीमतों में भी मासिक गिरावट देखी गई, जिससे समग्र महंगाई का दबाव कम हुआ. जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए औसत महंगाई 1.7 फीसदी रही, जो आरबीआई के 1.8 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है.
हालांकि, सोने की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण हेडलाइन सीपीआई ऊंची बनी रही, जो सितंबर में सालाना आधार पर लगभग 47 फीसदी बढ़ी. केवल सोने ने ही हेडलाइन सीपीआई में लगभग 50 आधार अंकों का योगदान दिया.
महंगाई 1 फीसदी से नीचे आने की संभावना
एचएसबीसी ने बताया कि कोर महंगाई का उसका पसंदीदा माप तिमाही के दौरान 3.2 फीसदी पर स्थिर रहा, जिसमें खाद्य, ऊर्जा, आवास और सोना शामिल नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर में महंगाई 1 फीसदी से नीचे आने की संभावना है और महीने के पहले दस दिनों में सब्जियों की कीमतों में 3 से 5 फीसदी की गिरावट आएगी. तेल की कम कीमतों और चीन से सस्ते निर्यात से भी आने वाले महीनों में महंगाई पर नियंत्रण रहने की उम्मीद है.
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