Dollar vs Rupee Today: फॉरेन एक्सचेंज मार्केट से आज रुपये के लिए अच्छी खबर आ रही है. बुधवार, 15 अप्रैल सुबह कारोबार की शुरुआत होते ही भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी ताकत दिखाई है. ग्लोबल मार्केट में मची हलचल और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीदों ने घरेलू करेंसी को सहारा दिया है.
डॉलर के मुकाबले कितना मजबूत हुआ रुपया?
बुधवार को इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया पिछले बंद भाव के मुकाबले 20 पैसे की मजबूती के साथ 93.15 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. कारोबार की शुरुआत 93.19 पर हुई थी, लेकिन जल्द ही इसमें और रिकवरी देखने को मिला.
बता दें कि सोमवार को रुपया 52 पैसे टूटकर 93.35 पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के कारण फॉरेन करेंसी एक्सचेंज में कोई ट्रेडिंग नहीं हुई थी.
रुपये की इस मजबूती के पीछे के 3 बड़े कारण
बाजार के जानकारों का मानना है कि रुपये में आई इस तेजी के पीछे तीन मुख्य ट्रिगर्स काम कर रहे हैं...
1. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान ने निवेशकों में जोश भर दिया है कि अगले दो दिनों में ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है. तेल की कीमतों में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए अगले दो दिनों में बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. रिपोर्ट्स की मानें तो यह वार्ता पाकिस्तान में होने की संभावना है.
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की सुगबुगाहट ने बाजार का मूड बदल दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा संकेतों के बाद तेल सप्लाई रुकने का डर कम हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें नरम पड़ गई हैं. अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो आने वाले दिनों में इसका सीधा फायदा पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर देखने को मिल सकता है.
2. कच्चे तेल में नरमी
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता की उम्मीदों से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमी आई है. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है. मंगलवार के सत्र में ब्रेंट क्रूड 94.42 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर तक गिर गया, जबकि यह उसी दिन 99.45 डॉलर के ऊपरी स्तर तक पहुंचा था. बुधवार सुबह यह 94.66 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है. अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में भी बड़ी गिरावट देखी गई. 98 डॉलर पर खुलने के बाद इसकी कीमतें 90.65 डॉल प्रति बैरल के करीब आ गई हैं.
चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने का सीधा फायदा रुपये को मिलता है.
3. डॉलर इंडेक्स का रुख
दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की स्थिति बताने वाला 'डॉलर इंडेक्स' फिलहाल 97.95 के स्तर पर है, जिससे रुपये को अपनी स्थिति सुधारने का मौका मिला है.
शेयर बाजार में उछाल से मिला सपोर्ट
रुपये की मजबूती में घरेलू शेयर बाजार की तेजी ने भी अहम भूमिका निभाई है. बुधवार सुबह सेंसेक्स 1,300 अंकों की भारी बढ़त के साथ 78,000 के पार निकल गया, वहीं निफ्टी में भी 400 अंकों की उछाल देखी गई. शेयर बाजार में आने वाले इस पैसे ने करेंसी मार्केट के सेंटीमेंट को पॉजिटिव कर दिया है. हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अभी भी सतर्क हैं और सोमवार को उन्होंने करीब ₹1,983.18 करोड़ के शेयर बेचे थे.
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