अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों का असर दुनियाभर के वित्तीय बाजारों पर दिख रहा है. चुनाव में राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बढ़त हासिल की है. इस राजनीतिक बदलाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई, जबकि सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी दर्ज की गई. अमेरिकी शेयर बाजार में भी खरीदारी का माहौल रहा.
8% तक टूटे कच्चे तेल के दाम
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई. उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी क्रूड ऑयल WTI का भाव करीब 7.71% गिरकर 88.68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 8.69% टूटकर 94.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, बुधवार को WTI क्रूड 8.41% गिरकर 88.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि MCX क्रूड 8.1% टूटकर 8,367 रुपये पर पहुंच गया.
तेल की कीमतों में गिरावट की वजह क्या है?
तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिका की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के साथ पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर बाजार की बदलती उम्मीदें भी अहम मानी जा रही हैं.
निवेशकों को उम्मीद है कि चुनाव के बाद अमेरिकी नीतियों में बदलाव और ईरान के साथ संभावित बातचीत से तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हो सकती हैं. हालांकि, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.
भारत को क्या भाव पड़ रहा कच्चा तेल?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है. फिलहाल भारत को कच्चा तेल 103 डॉलर प्रति बैरल पड़ रहा है. तअंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम गिरने से भारत के लिए तेल आयात का खर्च कम होने की संभावना बनती है.
सोने और चांदी में जोरदार तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के उलट सोने और चांदी के भाव में तेजी आई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 3.29% बढ़कर 4,061.13 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
घरेलू बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दोनों कीमती धातुओं में बढ़त दर्ज की गई. सोना 2.6 फीसदी की तेजी के साथ 1,43,097 रुपये के पार पहुंच गया, जबकि चांदी 4 फीसदी की तेजी के साथ 1,87,085 रुपये पहुंच गई.
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