- पहला क्रेडिट कार्ड लेने से पहले अपनी खर्च करने की आदतों के अनुसार उपयुक्त कार्ड चुनना आवश्यक होता है
- रिवॉर्ड पॉइंट्स की संख्या से ज्यादा उनके कैश मूल्य और रिडेम्प्शन वैल्यू को ध्यान में रखना चाहिए
- कार्ड चुनते समय अपनी ज्यादा खर्च वाली कैटेगरी पर मिलने वाले बोनस और रिटर्न ऑफर्स का लाभ उठाएं
क्रेडिट कार्ड लेने जा रहे हैं, जरा रुक जाएं, पहले यह खबर पढ़ लें, हो सकता है कई बड़ी समस्याओं से आप बच जाएं. अगर बिना सोचे-समझे कार्ड आपने चुन लिया, तो यह फायदे का सौदा सिरदर्द भी बन सकता है. अपना पहला क्रेडिट कार्ड लेने से पहले आपको इस खबर में बताईं गईं 9 बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, जिससे आप भारी नुकसान से बच सकें.
1. खर्च करने की आदत पहचानें
लोग अक्सर लुभावने ऑफर्स के पीछे भागते हैं, लेकिन असली फायदा तब है जब कार्ड आपकी जरूरत को पूरा करे. मान लीजिए अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग ज्यादा करते हैं, तो ई-कॉमर्स फ्रेंडली कार्ड लें. अगर ट्रेवलिंग ज्यादा करते हैं, तो ट्रैवल कार्ड चुनें. यहां एक बात ध्यान रखें अपनी आदतों को कार्ड के लिए कभी भी ना बदलें.
2. रिवॉर्ड पॉइंट्स का गणित
ग्राहक क्या समझते हैं कि ज्यादा रिवॉर्ड पॉइंट्स का मतलब हमेशा ज्यादा फायदा होता है. पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. यह देखें कि एक पॉइंट की कीमत कैश में कितनी है. कभी-कभी कम पॉइंट्स वाले कार्ड भी बेहतर रिडेम्पशन वैल्यू देते हैं.
3. कैटेगरी बोनस पर रखें नजर
मार्केट में कुछ कार्ड्स बिल पेमेंट, फूड डिलीवरी या पेट्रोल पर 10-15% तक का रिटर्न देते हैं. यानी अपनी सबसे ज्यादा खर्च वाली कैटेगरी के हिसाब से कार्ड चुनकर आप मोटी बचत कर सकते हैं.
4. फीस और छूट
एनुअल फीस के मामले ज्यादातर लोग फंस जाते हैं. ऐसे में इसका गणित समझना बहुत ही जरूरी हो जाता है. कई बैंक एक फिक्स रकम खर्च करने पर फीस माफ कर देते हैं. चेक करें कि क्या आपका नॉर्मल खर्च उस लिमिट तक पहुंचता है? अगर नहीं, तो भईया फीस बचाने के चक्कर में फालतू में खर्च करना समझदारी नहीं है.
5. माइलस्टोन बेनिफिट्स के लालच में ना फंसे
एक फिक्स रकम खर्च करने पर मिलने वाले वाउचर या बोनस पॉइंट्स तभी अच्छे हैं जब आप उन्हें आसानी से हासिल कर सकें. माइलस्टोन पूरा करने के चक्कर में बजट बिगाड़ना भारी पड़ सकता है.
6. फ्री की सुविधा से दूर रहें
फ्री मूवी टिकट या फिर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन शुरुआती यूजर्स के लिए रिवॉर्ड स्ट्रक्चर और कम फीस ज्यादा मायने रखती है. इसलिए इन सॉफ्ट बेनिफिट्स से जितना हो सके अपने को दूर ही रखें.
7. कस्टमर सर्विस भी है जरूरी
धोखाधड़ी या कार्ड खो जाने जैसी स्थिति में बैंक का सपोर्ट कैसा है, इसको भी देख लें. अच्छी कस्टमर सर्विस आपका पैसा बचा सकती है.
8. जहां सैलरी, वहां से लें पहला क्रेडिटा कार्ड
पहली बार कार्ड ले रहे हैं? तो अपने सैलरी अकाउंट वाले बैंक में अप्लाई करना सबसे सेफ है. बार-बार अलग-अलग बैंकों में अप्लाई करने से आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है.
9. बिल पेंडिंग बिल्कुल नहीं
क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें अमूमन 36% से 42% सालाना तक होती हैं. ऐसे में बिल पेंडिंग रखने की गलती तो कभी भी ना करें. हर महीने पूरा बिल समय पर भरें, वरना आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं