भारतीय शेयर बाजार के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) का अर्निंग सीजन बेहद शानदार और उम्मीदों से बेहतर साबित हुआ है. वित्तीय ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOFSL) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 19 प्रमुख सेक्टर्स ने अनुमान से काफी बेहतर वित्तीय नतीजे पेश किए हैं.
इस तिमाहियों में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं (BFSI), मेटल्स, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम सेक्टर्स का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा, जिसने बाजार की कुल आय वृद्धि को नई रफ्तार दी.
उम्मीद से बेहतर रहे आंकड़े
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को छोड़कर, मोतीलाल ओसवाल यूनिवर्स से जुड़ी कंपनियों ने आय और मुनाफे के मोर्चे पर दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की है.
- बिक्री: सालाना आधार पर 18% की वृद्धि दर्ज की गई (अनुमान: 15%).
- ईबीआईटीडीए: सालाना आधार पर 15% का उछाल (अनुमान: 10%).
- टैक्स के बाद मुनाफा : नेट प्रॉफिट में 22% की जोरदार बढ़त देखी गई, जो ब्रोकरेज के 15% के अनुमान से कहीं अधिक है.
टॉप परफॉर्मिंग सेक्टर्स
वित्तीय सेवाओं (BFSI), मेटल्स, टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, केमिकल्स, टेक्सटाइल्स और रियल एस्टेट सेक्टर्स ने इस तिमाही में कंपनियों के मुनाफे को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. कच्चे तेल को छोड़कर ऑयल एंड गैस सेगमेंट ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया.
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दबाव में रहने वाले सेक्टर्स
दूसरी ओर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) का प्रदर्शन सबसे खराब रहा. पिछले साल की समान अवधि में 162 अरब रुपये के मुनाफे के मुकाबले इस बार ओएमसी को 181 अरब रुपये का भारी घाटा उठाना पड़ा. इसके अलावा, सीमेंट सेक्टर और इंडिगो (InterGlobe Aviation) के प्रदर्शन ने भी कुल कॉरपोरेट कमाई पर नकारात्मक असर डाला.
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