तकनीक की दुनिया में चीन कुछ करता है, तो वह सुर्खियों में आ जाता है. अब चीन की एक कंपनी ने स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री मारी है. चीनी कंपनी CXMT सोमवार को शंघाई में अपनी लिस्टिंग के बाद देश की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली लिस्टेड कंपनी बन गई. इसके शेयरों में 470% की तेजी आई.
स्मार्टफोन और कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाली DRAM चिप बनाने वाली कंपनी चैंग शिन मेमोरी टेक्नोलॉजीस (CXMT) ने एशिया के सबसे बड़े IPO के जरिए 8.6 अरब डॉलर (लगभग 82,500 करोड़ रुपये) जुटाए.
सोमवार को जब शंघाई स्टॉक मार्केट खुला तो कंपनी का स्टॉक 49.50 युआन पर खुला, जबकि IPO की कीमत 8.66 युआन थी. इससे इसकी मार्केट वैल्यू बढ़कर लगभग 487 अरब डॉलर (लगभग 46.71 लाख करोड़ रुपये) हो गई.
ये CXMT क्या है?
इस कंपनी की शुरुआत 2016 में झू यिमिंग ने की थी. इसका हेडक्वार्टर चीन के अनहुई प्रांत के हेफेई में है. ये कंपनी DRAM यानी डायनामिक रैंडम एक्सेस मेमोरी चिप बनाती है, जिसका इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर, सर्वर, AI सिस्टम, AI डेटा सेंटर और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में होता है.
ग्लोबल DRAM मार्केट पर लंबे समय से सैमसंग, SK Hynix और माइक्रोन टेक्नोलॉजी का दबदबा रहा है. CXMT दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी है, जो DRAM बनाती है. 2025 में इसका मार्केट शेयर 7.7% था.
AI की बढ़ती डिमांड के कारण कंपनी लगातार तेजी से ग्रोथ कर रही है. कंपनी के मुताबिक, इस साल पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 719% बढ़कर 7.51 अरब डॉलर हो गया.
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CXMT में इतनी ग्रोथ कैसे?
CXMT वह बनाती है, जो सबके लिए जरूरी है. आजकल के लगभग सभी कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए मेमोरी चिप्स बहुत जरूरी है. AI सर्वर में DRAM एक अहम हिस्सा है, क्योंकि AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए हाई स्पीड मेमोरी की जरूरत होती है.
चीन के लिए CXMT जैसी कंपनियो का उभरना इसलिए मायने रखता है, क्योंकि वह कई सालों से विदेशी चिप्स और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है. चीन ने चिप टेक्नोलॉजी पर काम और तेज तब कर दिया जब अमेरिका समेत कई देशों ने एडवांस्ड सेमीकंडक्टर और मैनुफैक्चरिंग इक्विपमेंट के एक्सपोर्ट पर कड़े नियम लागू कर दिए.
CXMT की चिप की मांग Apple भी करती है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, Apple के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने एक प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत अमेरिका के बाहर बेचे जाने वाले Apple के प्रोडक्ट्स में CXMT और दूसरी चीनी कंपनियों की चिप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है.
वहीं, CXMT का उभरना अमेरिकी कंपनी Micron के लिए खतरनाक है. Micron का कहना है कि अगर CXMT को अमेरिकी टेक कंपनियों को चिप्स बेचने की इजाजत दी गई तो इससे अमेरिकी इंडस्ट्री को नुकसान होगा.
स्टॉक मार्केट में एंट्री के बाद CXMT की मार्केट वैल्यू 487 अरब डॉलर हो गई, जो Micron की वैल्यू का आधे से थोड़ा ज्यादा ही है. जबकि, ग्लोबल DRAM मार्केट में CXMT की हिस्सेदारी Micron के मुकाबले बहुत कम है. Micron की मार्केट वैल्यू 920 अरब डॉलर के आसपास है.
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बड़ी कंपनियों के आगे टिक पाएगी CXMT?
DRAM बनाने वाली CXMT दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी भले ही है, लेकिन अभी भी ये मेमोरी टेक्नोलॉजी में कई कंपनियों से पीछे है. खासकर हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स के मामले हें, जो Nvidia जैसी कंपनियों के AI एक्सेलेरेटर बनाने के लिए बहुत जरूरी हैं.
HBM मार्केट पर सैमसंग और Sk Hynix का दबदबा है और उनके पास दशकों के मैनुफैक्चरिंग और प्रोसेस टेक्नोलॉजी का अनुभव है. Micron भी एडवांस्ड मेमोरी की बड़ी सप्लायर है.
हालांकि, CXMT को ऐसी जगह फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां विदेशी कंपनियां विदेशी सप्लायर के विकल्प तलाश रहे हैं. जैसे- Apple चाहता है कि अमेरिका से बाहर बिकने वाले उसके प्रोडक्ट्स में CXMT जैसी चीनी कंपनियों की चिप्स को लगाने की इजाजत मिले.
CXMT को अमेरिका से बड़ा खतरा है. पिछले महीने पेंटागन ने CXMT को 'चीनी मिलिट्री कंपनी' का दर्जा दिया था.
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