- 20 और 22 जुलाई को हुई हिंसा से जुड़े करीब 100 CCTV वीडियो जांच का हिस्सा
- प्रदर्शनकारियों की कई गतिविधियां रिकॉर्ड हुई
- अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज पुलिस के पास मौजूद
दिल्ली पुलिस का दावा है कि 20 और 22 जुलाई को हुई हिंसा से जुड़े करीब 100 CCTV वीडियो जांच का हिस्सा हैं. पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो में प्रदर्शनकारियों की कई गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं. फुटेज में कथित तौर पर भीड़ को सुरक्षा घेरा तोड़ते, पुलिस पर हमला करते, पथराव करते और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है.
अलग-अलग जगहों के CCTV फुटेज
- 20 जुलाई, रायसीना रोड (प्रेस क्लब के पीछे): प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ते हुए दिखाई देते हैं.
- 20 जुलाई, संसद मार्ग: बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ती भीड़ और कई जगह पथराव के दृश्य दिखाई देते हैं.
- 20 जुलाई, जनपथ: पुलिस पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़ और एक पुलिस वाहन के अंदर बैठे पुलिसकर्मी के बावजूद वाहन को नुकसान पहुंचाने और पलटने की कोशिश के दृश्य सामने आए हैं.
- 20 जुलाई, रजिस्ट्रार सोसायटी कार्यालय, संसद मार्ग: पथराव और कार्यालय का सामान बाहर फेंकते हुए लोग दिखाई देते हैं.
- 20 जुलाई, कनॉट प्लेस: पुलिस के अनुसार, कई जगह गाड़ियों में तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव और क्षतिग्रस्त बसों के दृश्य रिकॉर्ड हुए हैं.
- 20 जुलाई, रीगल सिनेमा, कनॉट प्लेस: पथराव की घटनाएं CCTV में दिखाई देने का दावा किया गया है.
- 20 जुलाई, टॉलस्टॉय मार्ग: एक वाहन में आग लगाने और बस की हवा निकालने के दृश्य सामने आए हैं.
- 20 जुलाई, जंतर-मंतर: पथराव और आग लगाने के लिए कथित तौर पर उकसाने वाली आवाजें रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है.
पुलिसकर्मियों पर हमले
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कई वीडियो में पुलिसकर्मियों पर सीधे हमले दिखाई देते हैं. एक घायल महिला पुलिसकर्मी को मौके से ले जाते हुए, संसद मार्ग पर एक पुलिसकर्मी को घेरकर पीटते हुए.

Photo Credit: PTI
कई अन्य घायल पुलिसकर्मियों के दृश्य
22 जुलाई के वीडियो में इंस्पेक्टर नंदकिशोर पर हमला. एसीपी विवेक भगत के साथ मारपीट. संसद मार्ग पर दोबारा पथराव. पुलिसकर्मियों और RAF के जवानों पर हमला.
हिंसा में कितना नुकसान?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हिंसा में करीब 200 पुलिसकर्मी घायल हुए. 15 पुलिस वाहनों और अन्य गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई. 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी भी घायल हुए. यह सभी वीडियो अब जांच का हिस्सा हैं और पुलिस का कहना है कि इनकी मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
FRS में 2873 का मिला आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस धरना प्रदर्शन में 2873 अपराधिक तत्व भी अलग-अलग समय पर यहां एकत्र हुए. इनमें से कइयों पर तो हत्या, हत्या की कोशिश, रेप, पोक्सो, डकैती और दंगा फैलाने के मामले पहले से चल रहे हैं. फेस रिकॉग्निशन सिस्टम यानी FRS के जरिए जिन आपराधिक तत्वों की पहचान हुई उनमें से कई लगातार अलग-अलग दिनों में यहां आए. FRS के जरिए 2,873 लोगों को पुलिस ने पहचाना जिनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड मिले. इनमें से 989 लोगों का गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड मिला है. 101 लोग हत्या के मामलों में आरोपी रह चुके हैं. 62 पर हत्या की कोशिश के मामले दर्ज हैं. 284 लोग डकैती और लूट के मामलों में शामिल रहे हैं जबकि 61 पर दुष्कर्म (रेप) के मामले दर्ज हैं. 6 पर पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत मामले दर्ज हैं जबकि 25 पर महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप हैं. 229 पर आर्म्स एक्ट तो 135 लोगों पर स्नैचिंग के मामले दर्ज हैं. 19 अपहरण तो 67 पर NDPS (नारकोटिक्स) कानून के तहत मामले दर्ज हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिनके खिलाफ एक से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. हत्या के 101 आरोपियों में से 42 पर दो या उससे ज्यादा केस हैं, जबकि 12 पर 10 या उससे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. हत्या की कोशिश के 62 आरोपियों में से 25 पर दो या उससे ज्यादा केस है. डकैती और लूट के 284 आरोपियों में से 155 पर दो या उससे ज्यादा केस हैं जबकि 31 पर 10 या उससे ज्यादा मामले दर्ज हैं. रेप के 61 आरोपियों में से 8 पर दो या उससे ज्यादा केस हैं. महिलाओं से छेड़छाड़ के 25 आरोपियों में से 6 पर दो या उससे ज्यादा मामले दर्ज हैं. NDPS के 67 आरोपियों में से 9 पर दो या उससे ज्यादा केस हैं.
नोट: यह पूरा विवरण दिल्ली पुलिस के दावों और जांच में शामिल CCTV फुटेज के आधार पर तैयार किया गया है।
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