केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का एक अहम हिस्सा होता है- HRA यानी मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance). केंद्रीय कर्मचारी से अगर HRA क्लेम करने में कोई गलती हो जाए तो ये बड़ी दिक्कत पैदा कर सकता है. Staff News की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने HRA के दावे, प्रमाणपत्र और भुगतान को लेकर दिशा-निर्देश स्पष्ट किए हैं. इसके तहत कर्मचारी को पहली बार HRA का दावा करते समय निर्धारित प्रमाणपत्र जमा करना होगा. वहीं, कार्यालयाध्यक्ष और DDO की जिम्मेदारी होगी कि पात्रता की जांच के बाद ही HRA का भुगतान किया जाए.
पहली बार HRA क्लेम पर देना होगा प्रमाणपत्र
मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, हर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी को अपने पहले HRA दावे के साथ Annexure-II में निर्धारित प्रमाणपत्र देना होगा. यानी पहली बार HRA क्लेम करते समय ये दस्तावेज अनिवार्य है.
लेकिन अगर कर्मचारी की स्थिति में ऐसा कोई बदलाव होता है, जिससे HRA की पात्रता प्रभावित हो सकती है, तो इसकी जानकारी कार्यालय को देनी होगी.
राजपत्रित-अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था
अराजपत्रित कर्मचारी निर्धारित Annexure-II प्रमाणपत्र अपने कार्यालयाध्यक्ष (Head of Office) को देंगे. वहीं राजपत्रित अधिकारी ये प्रमाणपत्र संबंधित लेखा अधिकारी (Accounts Officer) को प्रस्तुत करेंगे.
प्रमाणपत्र में कर्मचारी को अपना नाम, पदनाम और हस्ताक्षर दर्ज करने होंगे. जो घोषणाएं कर्मचारी पर लागू नहीं होतीं, उन्हें निर्धारित प्रारूप के अनुसार काट देने का निर्देश है.
HRA प्रमाणपत्र में किन बातों की घोषणा?
Annexure-II में कर्मचारी को मुख्य रूप से चार घोषणाएं करनी होती हैं. इनमें
- उसके और परिवार के मकान के स्वामित्व या किराए की स्थिति,
- परिवार के किसी सदस्य को आवंटित सरकारी आवास में रहने की स्थिति,
- परिवार के सदस्य द्वारा HRA लेने की स्थिति और
- पति या पत्नी को उसी स्टेशन पर सरकारी या संबंधित संस्थान की ओर से आवास मिलने की स्थिति शामिल है.
पुराने HRA फॉर्म की जगह नया प्रारूप
कई कार्यालयों में अभी भी 23 सितंबर 1986 के पुराने निर्देशों के आधार पर तैयार HRA प्रमाणपत्र इस्तेमाल हो सकते हैं. पुराने फॉर्म में सरकारी आवास के आवेदन, आवंटन और किराए से जुड़े कई एक्सट्रा डिटेल शामिल थे.
लेकिन 30 दिसंबर 2022 के समेकित निर्देशों के Annexure-II में चार प्रमुख घोषणाओं वाला नया प्रारूप निर्धारित किया गया है. इसलिए कार्यालयों को मौजूदा नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र का इस्तेमाल सुनिश्चित करना होगा.
इसके अलावा, 5 मार्च 2019 के निर्देश के तहत GPRA के लिए आवेदन और HRA दावे के साथ ‘No Accommodation Certificate' देने की शर्त समाप्त की जा चुकी है.
HRA देने से पहले DDO को करनी होगी जांच
HRA भुगतान में DDO की भी अहम जिम्मेदारी है. पैरा 7.2.3 के अनुसार, DDO को ये सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी की HRA पात्रता लागू नियमों के मुताबिक जांची गई है और निर्धारित प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया गया है.
वेतन बिल में DDO को ये प्रमाणित करना होता है कि वो कर्मचारी की पात्रता से संतुष्ट है और HRA का भुगतान नियमों के अनुसार किया जा रहा है. कार्यालयाध्यक्ष और लेखा अधिकारियों को भी प्रमाणपत्र की उपलब्धता, पूर्णता और पात्रता से जुड़े तथ्यों की जांच करनी होती है.
पात्रता बदलने पर तुरंत देनी होगी जानकारी
एक बार प्रमाणपत्र जमा करने के बाद भी कर्मचारी की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती. अगर उसे सरकारी आवास मिल जाता है, पति या पत्नी को उसी स्टेशन पर आवास आवंटित होता है या परिवार की आवास/HRA स्थिति बदलती है, तो इसकी जानकारी कार्यालय को देनी होगी.
कुल मिलाकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए HRA के पहले दावे के साथ Annexure-II प्रमाणपत्र देना जरूरी है, लेकिन हर महीने इसे दोबारा जमा करना जरूरी नहीं बताया गया है. इसके साथ कर्मचारी को अपनी पात्रता से जुड़ी जानकारी अपडेट रखनी होगी, जबकि कार्यालयाध्यक्ष, लेखा अधिकारी और DDO को पात्रता की जांच और नियमों के मुताबिक भुगतान सुनिश्चित करना होगा.
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