Byju's Crisis: भारत के फेमस एडटेक प्लेटफॉर्म Byju's के संस्थापक बायजू रवींद्रन इस समय बड़े कानूनी मुश्किलों में फंसे हुए हैं. सिंगापुर की अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है. दरअसल, कोर्ट का कहना है कि रवींद्रन ने अप्रैल 2024 से अपनी संपत्ति और वित्तीय जानकारी से जुड़े कई जरूरी आदेशों की लगातार अनदेखी की. इसी वजह से अदालत ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया और साथ ही करीब 70,500 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी भरने को कहा है. बता दें कि ये पूरा मामला कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की एक सब्सिडियरी कंपनी कतर होल्डिंग्स से जुड़ा हुआ है, जिसके साथ वित्तीय मामले को लेकर ये लड़ाई चल रही है.
एक आम टीचर से अरबपति तक का सफर
पेशे से बायजू रवींद्रन इंजीनियर हैं. अपने जुनून और मेहनत की बदौलत छोटे गांव अजीकोड से निकलकर वैश्विक पटल पर छा गए. दरअसल बायजू दोस्तों को कैट की तैयारी कराते थे, इसी दौरान उन्हें अपनी टीचिंग स्किल्स के बार में पता चला. इसके बाद उन्होंने स्टेडियमों में हजारों बच्चों को एक साथ पढ़ाना शुरू किया. साल 2015 का समय था जब उन्होंने अपनी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ के साथ मिलकर थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के जरिए Byju's द लर्निंग ऐप की शुरुआत की. इसके बाद स्मार्ट फोन का समय शुरू हुआ और फिर इस विजुअल लर्निंग ऐप ने जबरदस्त पॉपुलैरिटी हासिल की. देखते ही देखते बायजू जल्द ही बड़े बिजनेसमैन की लिस्ट में शामिल हो गए.
22 अरब डॉलर की वैल्यूएशन
साल 2020 में जहां पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा था, वहीं बायजू कंपनी इसी दौरान यूनिकॉर्न बनी. कोविड की वजह से स्कूल बंद हुए तो कंपनी की जैसे लॉटरी ही लग गई. कंपनी ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज, व्हाइटहैट जूनियर जैसी बड़ी कंपनियों को खरीदा. दुनियाभर से स्टूडेंट कंपनी के साथ जुड़ते जा रहे थे. साल 2022 में बायजू की वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर के पार पहुंच गई. इसके बाद कंपनी ने पीछे नहीं देखा. किंग खान शाहरुख खान को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया, साथ ही इंडियन क्रिकेट टीम की जर्सी पर 'Byju's' चमक रहा था. रवींद्रन विश्व के नए टेक अरबपति का खिताब अपने नाम कर चुके थे.
एक गलती पड़ी भारी
सफलता का ग्राफ जितनी जल्दी ऊपर जाता है, उसी स्पीड से ये नीचे आता है. बिना प्लानिंग की मार्केटिंग, पैरेंट्स पर लोन का प्रेशर बनाने के आरोप, कमजोर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और फाइनेंशियल गड़बड़ी की खबरों ने कंपनी की नींव हिला दी. बायजू पर से विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार कम होता चला गया. कंपनी के अदंर भी स्थिति नॉर्मल नहीं रही. बोर्ड मेंबर्स इस्तीफे पर इस्तीफे देते रहे. इन सभी खबरों से कंपनी के वैल्यूएशन को बड़ा झटका लगा. एक इंटरव्यू में रवींद्रन ने कहा था कि साल 2021 में उन्होंने 1.2 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज लिया था, जो उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुआ.
बैलेंस शीट में बढ़ रहे देनदार
कंपनी की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिका में अमेरिकी लेंडर्स 1.2 अरब डॉलर के लोन को लेकर पीछे पड़े हैं. भारत में भी कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन लगातार बिगड़ती जा रही है. बैलेंस शीट की बात करें तो लेनदार से ज्यादा कंपनी के देनदार बढ़ते ही जा रहे हैं. अपना कर्जा चुकाने के लिए कंपनी के पास पैसे की किल्लत है. इस बीच सिंगापुर का ये मामला बायजू के लिए बहुत बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं