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गिरावट के साथ बाजार की शुरुआत, निफ्टी 35 तो सेंसेक्स 125 अंक गिरकर खुला, निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर

Share Market Opening: बाजार की शुरुआत निवेशकों के मन के अनुसार नहीं रही. निफ्टी और सेंसेक्स ही गिरावट के साथ खुले. हालांकि इसके बाद हल्की रिकवरी दिखाई दी.

गिरावट के साथ बाजार की शुरुआत, निफ्टी 35 तो सेंसेक्स 125 अंक गिरकर खुला, निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर

Share Market Opening: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. प्री ओपन सेशन में निफ्टी में 35 अंकों की तो सेंसेक्स में 125 अंको की गिरावट देखी गई. हालांकि इसके बाद निवेशकों की खरीदारी से बाजार संभला. अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता की उम्मीद से बाजार इस हफ्ते हरे निशान में कारोबार कर रहा है. ऐसे में निवेशक आज के सेशन के लिए इस उम्मीद में होंगे कि बाजार के अंदर लिवाली का दौर जारी रहे.

निफ्टी आईटी, बैंक को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स में हरियाली

शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी को ऑटो शेयर लीड कर रहे थे. निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी पीएसई के साथ ज्यादातर इंडेक्स हरे निशान में थे. केवल निफ्टी आईटी और बैंक ही लाल निशान में था.

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी हरे निशान में थे.निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183 अंक या 1.02 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,149 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 433 अंक या 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,847 पर था.

एशिआई बाजारों में दिखी तेजी

एशिआई बाजारो में शांति वार्ता के बीच तेजी देखी गई है. जापान का Nikkei 225 करीब 1.2% से +1.5 ऊपर रहा. दक्षिण कोरिया के Kospi में लगभग 4% तक बढ़त, हांगकांग के बाजार में हालांकि हल्की गिरावट देखी गई. स्ट्रेलिया ASX 200 में 0.2% की की तेजी रही.

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निवेशकों की नजर बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर

आज कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आ रहे हैं. इन पर निवेशक अपनी नजर बनाए हुए हैं. सुप्रिया लाइफसाइंस, बाटा इंडिया, फिजिक्सवाला, जीएमआर एयरपोर्ट्स, आदित्य इंफोटेक आज अपने Q4 के नतीजों का ऐलान करेंगे. इसके बाद मार्केट की स्थिति और साफ हो पाएगी.

रुपये की स्थिति

मिडिल ईस्ट में टेंशन और कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आई तेजी की वजह से मंगलवार को रुपया कमजोर हो गया. डॉलर के मुकाबले ये 47 पैसे गिरकर करीब 95.73 पर रहा. विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि सिर्फ वैश्विक हालात ही नहीं, बल्कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और भारतीय शेयर बाजार में आई कमजोरी ने भी रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है.

$100 के नीचे कच्चा तेल

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद का सबसे बड़ा और सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. पिछले 3 दिनों से क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा है. भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल का $100 से नीचे आना एक बहुत बड़ी राहत मानी जा रही है.

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