बायजू रवींद्रन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. कतर होल्डिंग (Qatar Holding) ने 235.19 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,900 करोड़ रुपये की देनदारी को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट में नई याचिका दाखिल की है. कंपनी चाहती है कि जब तक उसकी बकाया रकम नहीं चुकाई जाती, तब तक बायजू रवींद्रन की कुछ संपत्तियों पर रोक लगी रहे.
235 मिलियन डॉलर के बकाये का पूरा मामला क्या है?
कतर होल्डिंग ने सिंगापुर में हुई मध्यस्थता कार्यवाही से जुड़े फैसलों को लागू कराने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.नई याचिका में जुलाई 2026 में सिंगापुर में जारी फाइनल अवार्ड को लागू कराने की मांग की गई है. साथ ही, बायजू रवींद्रन और Byju's की संपत्तियों से जुड़ी किसी भी तरह की डील पर रोक लगाने की मांग की गई है.
जुलाई 2026 के अवार्ड में 53 करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग
जुलाई 2026 के अवार्ड के तहत कतर होल्डिंगने बायजू रवींद्रन और Byju's से 7.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर की मांग की है. भारतीय रुपये में यह रकम 53 करोड़ रुपये से ज्यादा है.इसके अलावा जुलाई 2026 के अवार्ड में 7.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर की मध्यस्थता लागत भी जोड़ी गई है.हालांकि, इस मामले में सबसे बड़ी रकम 235.19 मिलियन डॉलर की है, जो इससे पहले 2025 में जारी एक अवार्ड से जुड़ी है.
235.19 मिलियन डॉलर की देनदारी की वसूली
कतर होल्डिंग अब 2025 के पुराने अवार्ड से जुड़ी 235.19 मिलियन डॉलर की देनदारी की वसूली के लिए बायजू रवींद्रन की संपत्तियों को सुरक्षित रखना चाहता है.कंपनी ने अदालत से मांग की है कि जब तक यह पूरी देनदारी चुकाई नहीं जाती, तब तक संबंधित संपत्तियों पर सुरक्षा बनी रहे.
Aakash के 1.79 करोड़ शेयर भी मामले में शामिल
इस मामले में आकाश एजुकेशनल सर्विसेज (Aakash Educational Services) के 17.89 मिलियन यानी करीब 1.79 करोड़ शेयर भी अहम हैं.ये शेयर बीयार इन्वेस्टको (Beeaar Investco) के पास हैं. कतर होल्डिंग ने इन शेयरों पर भी रोक लगाने की मांग की है, ताकि बकाया रकम की वसूली के लिए इन्हें सुरक्षित रखा जा सके.
याचिका में कहा गया है कि बीयार इन्वेस्टकोकी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बायजू रवींद्रन के पास है. साथ ही, आकाश के इन शेयरों को बायजू रवींद्रन के बेनिफिशियल ऑनरशिप में बताया गया है.
बायजू रवींद्रन की पूरी संपत्ति का ब्योरा मांगा
कतर होल्डिंग ने कोर्ट से हलफनामा देकर बायजू रवींद्रन की सभी संपत्तियों का पूरा ब्योरा देने की भी मांग की है.इसके अलावा कंपनी ने बायजू रवींद्रन की संपत्तियों और जमीन-जायदाद की निगरानी के लिए रिसीवर नियुक्त करने की मांग भी की है. इसका मकसद बकाया रकम की वसूली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है.
पहले भी कोर्ट लगा चुकी है संपत्तियों पर रोक
इस विवाद को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट में पहले भी सुनवाई हो चुकी है. कोर्ट ने इससे पहले बायजू रवींद्रन को कुछ संपत्तियों के साथ लेन-देन करने से रोक दिया था.इसके अलावा सितंबर 2025 में आकाश एजुकेशनल सर्विसेज के 17.89 मिलियन शेयर कुर्क किए गए थे.अब कतर होल्डिंग ने नई याचिका के जरिए इन संपत्तियों की सुरक्षा जारी रखने की मांग की है. कंपनी चाहती है कि 235.19 मिलियन डॉलर की देनदारी चुकाए जाने तक इन संपत्तियों के साथ किसी तरह का लेन-देन न हो.
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