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8वीं पास शिव रतन अग्रवाल ने कैसे खड़ा किया ₹13,430 करोड़ का 'Bikaji' साम्राज्य? 'भुजिया किंग' बनकर दुनिया भर में छाए

बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के चेयरमैन शिव रतन अग्रवाल केवल 8वीं कक्षा तक पढ़े थे, लेकिन उनके पास बिजनेस का जबरदस्त विजन था. जानें कैसे उन्होंने हल्दीराम से अलग होकर ₹13,430 करोड़ का ब्रांड बनाया और बीकानेर के स्वाद को दुनिया में मशहूर किया.

8वीं पास शिव रतन अग्रवाल ने कैसे खड़ा किया ₹13,430 करोड़ का 'Bikaji' साम्राज्य? 'भुजिया किंग' बनकर दुनिया भर में छाए
Bikaji Founder Shiv Ratan Agarwal Passes Away: शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेर के भुजिया और नमकीन को न केवल भारत बल्कि गलोबल मार्केट तक पहुंचाया.

Bikaji Success Story: बीकानेर की मशहूर भुजिया को दुनिया भर के डाइनिंग टेबल तक पहुंचाने वाले 'बीकाजी' (Bikaji) के फाउंडर शिव रतन अग्रवाल हमारे बीच नहीं रहे. वह बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल (Bikaji Foods International) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे. शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को चेन्नई में निधन हो गया.74 वर्ष की उम्र में उन्हें दिल का दौरा पड़ा. वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए चेन्नई गए थे, जहां उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास ऑपरेशन हुआ था. पत्नी की देखरेख के दौरान ही सुबह करीब 7:30 बजे उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया.

शिव रतन अग्रवाल अपने पीछें करोड़ों का 'बीकाजी' साम्राज्य, छोड़ गए हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर कैसे  8वीं पास शिव रतन अग्रवाल ने अपनी मेहनत और विजन के दम पर न सिर्फ देश-दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाई बल्कि  ₹13,430 करोड़ ऐसा ब्रांड बनाया जो आज के समय में दुनिया भर में करोड़ों लोगों की पसंद है.

हल्दीराम  से अलग होकर चुनी अपनी राह

शिव रतन अग्रवाल का ताल्लुक मशहूर हल्दीराम (Haldiram's) परिवार से था. लेकिन जब पारिवारिक बिजनेस का बंटवारा हुआ, तो उन्होंने कुछ अलग और बड़ा करने की ठानी. पारिवारिक बिजनेस हल्दीराम के बंटवारे के बाद उन्होंने अपनी अलग राह चुनी. वे बीकानेर चले गए और वहां 'शिवदीप फूड प्रोडक्ट्स' (Shivdeep Foods Products) की नींव रखी, जिसका नाम उनके बेटे दीपक अग्रवाल के नाम पर था. यही छोटा सा स्टार्टअप आगे चलकर 'बीकाजी' (Bikaji) बना.

1993 में Bikaji ब्रांड हुआ लॉन्च

1993 में उन्होंने अपने ब्रांड को 'बीकाजी' नाम दिया. यह नाम बीकानेर शहर के संस्थापक 'राव बीका' (Rao Bika) से प्रेरित था. शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेर के पारंपरिक स्वाद को एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और नई टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा. उनका फोकस हमेशा क्वालिटी और स्वाद पर रहा, जिसकी वजह से बीकाजी देखते ही देखते भारत के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट (Global Market) में भी छा गया.

₹13,430 करोड़ का साम्राज्य और 'फोर्ब्स'की लिस्ट

शिव रतन अग्रवाल केवल 8वीं क्लास तक पढ़े थे, लेकिन उनके बिजनेस विजन ने बड़ी-बड़ी डिग्रियों को पीछे छोड़ दिया. उनकी लीडरशिप में बीकाजी ने भुजिया, नमकीन, मिठाई और रेडी-टू-ईट सेगमेंट में अपनी धाक जमाई. आज कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹13,430 करोड़ है. 

साल 2022 में कंपनी का सफल आईपीओ (IPO) आया और 2024 में शिव रतन अग्रवाल का नाम 'फोर्ब्स' की दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट (Forbes World's Billionaires List) में भी शामिल हुआ.

8वीं पास लेकिन मेहनत के दम पर दुनिया को चखाया बीकानेर का स्वाद

शिव रतन अग्रवाल केवल 8वीं पास थे, लेकिन अपनी मेहनत और विजन के दम पर उन्होंने भुजिया और नमकीन के छोटे से कारोबार को ₹13,430 करोड़ की कंपनी बना दिया .आज बीकाजी भारत की प्रमुख पैकेज्ड फूड कंपनियों में से एक है, जो दुनिया भर में करोड़ों लोगों की पसंद है. उनकी कहनी इस बात की मिसाल है कि अगर आपके पास विजन और कुछ कर गुजरने का जज्बा है, तो शिक्षा की कमी आपको सफल होने से नहीं रोक सकती. उन्होंने बीकानेर के स्वाद को घर-घर पहुंचाया और भारतीय स्नैक्स इंडस्ट्री में एक नया मुकाम हासिल किया.

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