अगर आपको सितंबर महीने के आखिर में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो ये खबर आपके लिए है. 28 सितंबर से यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. बैंक हड़ताल से ठीक पहले वीकेंड पड़ रहा है.शनिवार और रविवार की छुट्टी की वजह से बैंक में लगातार 5 दिनों तक कामकाज ठप हो सकता है.
इतना ही नहीं इस बार तो बैंकों की हाफ ईयरली क्लोजिंग के समय हड़ताल रहने वाला है, जिससे आम ग्राहकों और कारोबारियों को परेशानी हो सकती है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार हरकत में आ गई है.
बैंक हड़ताल को लेकर वित्त मंत्रालय की इमरजेंसी मीटिंग
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव सोमवार को सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक करेंगे. इस मीटिंग में हड़ताल के दौरान जरूरी बैंकिंग सेवाएं जारी रखने के लिए अलग-अलग तरह के इंतजामों पर चर्चा की जानी है. सरकार का मकसद है कि हड़ताल के दौरान कैश और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं में आम जनता को कोई दिक्कत न आए.
क्या-क्या काम अटक सकते हैं?
बैंक हड़ताल के दौरान बैंक ब्रांच जाकर होने वाले आपके कई जरूरी काम रुक सकते हैं...
- अगर आपने किसी को चेक दिया है या आपको मिला है और आपको चेक क्लियर कराना है तो उसका पेमेंट अटक सकता है.
- बैंक काउंटर से कैश जमा करना या निकालना है, तो भारी दिक्कत आ सकती है.
- बैंक ड्राफ्ट बनवाना, पासबुक अपडेट कराना और नया अकाउंट खुलवाना बंद रहेगा.
- लोन अप्रूवल, फाइल प्रोसेसिंग और डाक्यूमेंटेशन का काम पूरी तरह ठप रहेंगे.
हालांकि, राहत की बात यह है कि यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और एटीएम (ATM) जैसी ऑनलाइन सर्विस चलती रहेंगी, इसलिए डिजिटल बैंकिंग में कोई परेशानी नहीं होगी.
11 सितंबर को भी ठप हुआ था कामकाज
बैंक यूनियनों ने इस महीने की शुरुआत में 11 सितंबर को भी एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की थी. उस दौरान देशभर के सरकारी बैंकों में चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और विड्रॉल जैसी सर्विस बुरी तरह प्रभावित हुई थीं. हालांकि, यूपीआई (UPI) और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सर्विस चालू रही थीं. प्राइवेट बैंकों का काम सामान्य रूप से चलता रहा था.
5-डे बैंकिंग और इंसेंटिव स्कीम पर अड़े कर्मचारी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स का दावा है कि वे बैंकिंग सेक्टर के करीब 90 फीसदी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनकी सबसे प्रमुख मांग हफ्ते में 5 दिन काम (5-Day Banking) लागू करने की है. कर्मचारियों का कहना है कि 2024 के वेतन समझौते में सोमवार से शुक्रवार 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के बदले सभी शनिवार छुट्टी देने पर सहमति बन गई थी, लेकिन फाइल अभी भी सरकारी मंजूरी के इंतजार में अटकी है.
इसके अलावा, सीनियर अफसरों के लिए लाई गई नई परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का भी कड़ा विरोध हो रहा है. यूनियनों का आरोप है कि नया फॉर्मूला केवल 5 प्रतिशत सीनियर अफसरों को फायदा पहुंचाता है और बाकी 95 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है.
कर्मचारियों की मांगें न मानीं तो अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल
बैंक यूनियनों ने साफ कर दिया है कि अगर 28 सितंबर की हड़ताल के बाद भी सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने उनकी मांगों का समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने 26 से 30 सितंबर के बीच 5 दिनों के विरोध प्रदर्शन और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.
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