आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर जो गुब्बारा बनाया गया था, क्या वह फूट गया है? ऐसा सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि सेमीकंडक्टर शेयरों की कीमतों में हाल में जबरदस्त गिरावट देखी गई है. कोरिया से लेकर जापान और अमेरिका के स्टॉक मार्केट तक, AI चिप शेयरों की बिकवाली का नया दौर देखा जा रहा है. इसकी बड़ी वजह यह है कि AI पर भारी-भरकम खर्च हो रहा है और इसे अब गलत ठहराया जा रहा है.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सेमीकंडक्टर बनाने वाली दिग्गज कंपनियों के लिए पिछला हफ्ता पिछले साल अप्रैल के बाद से सबसे खराब रहा है.
AI से जुड़े शेयरों में गिरावट इसलिए चिंता की बात है, क्योंकि अमेरिकी शेयर मार्केट के सबसे बड़े इंडेक्स S&P500 में अब ज्यादातर कंपनियां इसी से जुड़ी हैं और इनके शेयरों में बिकवाली से पूरी दुनिया के शेयर मार्केट में उथल-पुथल मच सकती है. BestBrokers.ocm के पॉल हॉफमैन ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि जुलाई 2026 तक AI से जुड़ी कंपनियां का S&P500 की कुल मार्केट कैप में 62% से ज्यादा हिस्सा है.
पिछले हफ्ते क्या हुआ?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को अमेरिकी शेयर मार्केट के तीनों बड़े इंडेक्स- S&P500, Dow Jones और Nasdaq में गिरावट आई. गिरावट की वजह सेमीकंडक्टर सेक्टर रहा.
अकेले शुक्रवार को ही Dow Jones में 0.7%, S&P500 में 1% और Nasdaq में 1.4% की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, पिछले पूरे हफ्ते में S&P500 में 1.5% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि Nasdaq 2.9% गिर गया और Dow Jones में लगभग 1% की गिरावट आई.
सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि शुक्रवार को दुनियाभर में टेक शेयरों में बिकवाली हुई. ताइवान का शेयर मार्केट 6.47%, जापान का 4.03% और चीन का 3.05% तक गिर गया. दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनी में से एक ताइवान सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) के शेयरों में 7% से ज्यादा की गिरावट आई.
साउथ कोरिया के KOSPI में पिछले हफ्ते 6.2% का उछाल आया था लेकिन गुरुवार को इसमें 6.4% और शुक्रवार को 8.9% की गिरावट दर्ज की गई.

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कहां-कहां हुई बिकवाली?
AI से जुड़ी ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दौर देखने को मिल रहा है. AI चिप की रेस में सबसे आगे रहने वाली कंपनी Nvidia के शेयरों की कीमत में शुक्रवार को 2.2% की गिरावट आई.
इसके अलावा, शुक्रवार को कई सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई. शुक्रवार को Intel के शेयरों में 2% की गिरावट आई, जबकि Applied Materials के शेयरों में 5.5% की भारी गिरावट हुई. Corning के शेयरों में 2.3% और Sandisk के शेयरों में लगभग 4% की गिरावट आई.
लगभग 800 अरब डॉलर की मार्केट कैप वाली कंपनी Advanced Micro Devices के शेयरों में भी 1% से ज्यादा की गिरावट देखी गई.

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लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है?
अब तक AI से जुड़ी हर चीज की मांग ने चिप शेयरों को मोटा मुनाफा दिया. इससे लोगों ने खूब कमाया. निवेशकों ने गाढ़ी कमाई की. लेकिन बढ़ती प्रतियोगिता के कारण इस बात की चिंता बढ़ गई है कि क्या भविष्य में भी AI में बड़े निवेश का फायदा मिलेगा.
ट्रेड नेशन के सीनियर मार्केट एनालिस्ट डेविड मॉरिसन ने ब्लूमबर्ग से कहा कि कमाई और मांग के ट्रेंड मजबूत बने हुए हैं लेकिन प्रॉफिट बुकिंग से पता चलता है कि कुछ निवेशक अब इस बात को लेकर चिंतिंत हैं कि विकास की ये गति कब तक जारी रह सकती है? उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि क्या गिरावट के कारण खरीदारी बढ़ेगी या फिर बिकवाली की रफ्तार और तेज हो जाएगी.
एडवर्ड डी. जोन्स एंड कंपनी के सीनियर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट एंजेलो कौर्काफास ने कहा कि AI से जुड़े शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है क्योंकि निवेशक निवेश की रफ्तार और उससे मिलने वाले फायदे पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कंपनियों की कमाई में अभी तक कोई कमी नहीं दिखी है.
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क्या आने वाली है बड़ी 'सुनामी'?
गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी है कि AI के चक्कर में कंपनियां बहुत ज्यादा कर्ज ले रही हैं और इससे आने वाले समय में मार्केट में बहुत बड़ी 'सुनामी' आ सकती है. गोल्डमैन सैक्स चेतावनी दे रहे हैं कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर्ज के जरिए हो रहा है.
रिपोर्ट कहती है कि कंपनियां डेटा सेंटर बनाने, एनर्जी कैपेसिटी बढ़ाने और कंप्यूटिंग रिसोर्स हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज ले रही हैं. AI इंफ्रा पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाली 6 कंपनियां- माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, अल्फाबेट, मेटा, ओरेकल, Nvidia और SpaceX ने इस साल 244 अरब डॉलर का कर्ज लिया है. ये 2024 से 14 गुना ज्यादा है.
चिंता इस बात की है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में कंपनियां कर्ज लेकर भारी-भरकम पैसा लगा रही हैं लेकिन इससे भविष्य में वाकई मुनाफा होगा, इस बात की गारंटी नहीं है.
गोल्डमैन सैक्स ने का कहना है कि कंपनियों की बैलेंस शीट अच्छी नहीं है और निवेशकों को इस बात का भरोसा नहीं है कि आने वाले समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा. इतिहास गवाह है कि बिना कमाई के भारी खर्च का नतीजा अक्सर कीमतों में भारी गिरावट के तौर पर निकलता है.
इसमें कहा गया है कि सिर्फ भारी खर्च और कर्ज लेने से कंपनियों की वैल्यूएशन लंबे समय तक नहीं बनी सकती. निवेशकों को रेवेन्यू में बढ़ोतरी और लगातार कैश फ्लो के ठोस सबूत चाहिए. गोल्डमैन सैक्स ने सुझाव दिया है कि AI क्रांति सच है लेकिन इसके लिए एक मजबूत बिजनेस मॉडल की जरूरत है जो क्रेडिट मार्केट के दबाव डालने से पहले ही रिटर्न दे सके.
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