दुनिया की चौथी सबसे बड़ी टेक कंपनी और हर दिन हजारों डॉलर कमाने वाली माइक्रोसॉफ्ट छंटनी करने जा रही है. माइक्रोसॉफ्ट ने 4,800 छंटनियों का ऐलान किया है. इनमें से 1,600 लोगों को सोमवार को नौकरी से निकाल दिया है. बाकी के बचे 3,200 लोगों को एक साल के भीतर निकाला जाएगा.
माइक्रोसॉफ्ट ये छंटनी अपने Xbox और गेमिंग डिवीजन में करने जा रहा है. Xbox पर अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद माइक्रोसॉफ्ट, सोनी के PlayStation और Nintendo से मुकाबला नहीं कर पा रहा था. आखिरकार कंपनी ने इसमें छंटनी का ऐलान किया है.
पिछले साल भी माइक्रोसॉफ्ट ने बड़े पैमाने पर छंटनियां की थीं. पिछले साल जुलाई में ही माइक्रोसॉफ्ट ने 9 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया था.
छंटनी की वजह क्या?
माइक्रोसॉफ्ट में अगले एक साल में कुल 4,800 लोगों को निकाला जाएगा. इनमें से 3,200 लोग Xbox से हटाए जाएंगे. Xbox से 1,600 लोग सोमवार को पहले ही निकाले जा चुके हैं.
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपुल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज में कहा, 'हमारा बिजनेस इसलिए बदल रहा है, क्योंकि हमारे आसपास की दुनिया बदल रही है. टेक्नोलॉजी को बनाने, लागू करने और इस्तेमाल करने का तरीका इतनी तेजी से बदल रहा है, जितना मेरे यहां रहने के दौरान पहले कभी नहीं हुआ.'
इस छंटनी की सबसे बड़ी मार Xbox पर पड़ी है. कंपनी ने 2018 से कई वीडियो गेम स्टूडियोज को खरीदने का सिलसिला शुरू किया था. इस उम्मीद में कि उनके गेम्स लोगों को दूसरे गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से दूर ले जाएंगे. लेकिन कंपनी इसमें कामयाब नहीं हो पाई.
This is an important email I sent today to all employees at XBOX:
— ASHA (@asha_shar) July 6, 2026
Team,
We are beginning the most significant restructure in XBOX history. After careful consideration, I've made the difficult decision to reduce our team by approximately 3,200 throughout FY27. This will include…
Xbox की सीईओ आशा शर्मा ने X पर लिखा, 'अब हम न सिर्फ सबसे बड़े पब्लिशर्स के साथ, बल्कि छोटे इंडिपेंडेंट स्टूडियोज के साथ भी मुकाबला कर रहे हैं. हर बेहतरीन इंडिपेंडेंट स्टूडियो को खरीदना न तो मुमकिन है और न ही सही.'
उन्होंने कहा कि अब Xbox को 'रीसेट' किया जाएगा. उन्होंने लिखा, 'इस साल हम Xbox में अब तक का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट करेंगे, लेकिन हम ज्यादा फोकस, ज्यादा डिसीप्लीन और ज्यादा क्लैरिटी के साथ इन्वेस्ट करेंगे ताकि Xbox को ऐसी जगह पहुंचाया जा सके जहां दुनिया गेम खेलती है और नई चीजें बनाती है.'
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लगातार छंटनी क्यों कर रहा माइक्रोसॉफ्ट?
माइक्रोसॉफ्ट कुछ सालों से लगातार छंटनी कर रहा है और इस पैसे को नई टेक्नोलॉजी और AI में लगा रहा है.
अप्रैल में ही माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अमेरिकी कर्मचारियों में से 7% को वॉलेंटियरी रिटायरमेंट का विकल्प दिया था. कंपनी ने लगभग एक साल पहले ही करीब 9,000 कर्मचारियों को निकाला था. इससे पहले मई 2025 में कंपनी ने अपने कुल कर्मचारियों में से 3% की छंटनी कर दी थी.
माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में बताया है कि वह 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स से जुड़े कामों पर 190 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रहा है.

Photo Credit: IANS
छंटनियों की एक वजह AI को भी माना जा रहा है. एमी कोलमैन ने लिखा कि भले ही कंपनी में नौकरियों की जगह AI नहीं ले रहा है लेकिन यह काम करने के तरीके को बदल रहा है.
कंपनी में इस तरह के बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब माइक्रोसॉफ्ट पर AI के क्षेत्र में एक बड़ी कंपनी के तौर पर खुद को स्थापित करने का दबाव है. दूसरी ओर, एंथ्रोपिक और OpenAI जैसी कंपनियां अपने AI टूल्स को तेजी से बिजनेस और प्रोडक्टिविटी के लिए तैयार कर रही हैं. वहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने भी हालिया सालों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर का निवेश किया है.
छंटनियों के अलावा माइक्रोसॉफ्ट अपने 4 गेमिंग स्टूडियो को भी अलग कर रहा है. Compulsion Games और Double Fine Productions इंडिपेंडेंट स्टूडियो बन जाएंगे, जबकि Ninja Theory और Undead Labs नए मैनेजमेंट के तहत काम करेंगे.
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दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी में ऐसे हालात
मार्केट कैप के लिहाज से माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की चौथी सबसे बड़ी टेक कंपनी है. माइक्रोसॉफ्ट की मार्केट कैप 2.9 ट्रिलियन डॉलर है. भारतीय करंसी में यह रकम लगभग 277 लाख करोड़ रुपये होती है. इतना ही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की वह कंपनी है, जो हर दिन हजारों करोड़ रुपये कमाती है.
माइक्रोसॉफ्ट की फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 82.9 अरब डॉलर (लगभग 7.92 लाख करोड़ रुपये) था. इस हिसाब से देखा जाए तो माइक्रोसॉफ्ट हर दिन लगभग 8,800 करोड़ रुपये और हर घंटे 367 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा रहा है.

अब माइक्रोसॉफ्ट अपना पैसा AI में लगाने के लिए छंटनी कर रहा है. डीए डेविडसन के मैनेजिंग डायरेक्टर गिल लुरिया ने रॉयटर्स से कहा कि माइक्रोसॉफ्ट अपने AI इन्वेस्टमेंट के लिए पैसे जुटाने के मकसद से छंटनी कर रहा है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संख्या कम रखकर रेवेन्यू ग्रोथ को तेज करने में माइक्रोसॉफ्ट कामयाब रहा है.
पिछले साल छंटनियों के बावजूद माइक्रोसॉफ्ट का रेवेन्यू बढ़ रहा है. जनवरी से मार्च तिमाही में माइक्रोसॉफ्ट का रेवेन्यू 18% बढ़ा है. वहीं, Xbox जैसे घाटे वाले सौदों से अलग करके अब पैसा बचाकर दूसरी जगह लगाने का प्लान है.
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