भारत का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी ग्रुप 'अदाणी' (Adani Group) अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कुछ 'बहुत बड़ा' करने की तैयारी में है. सोमवार को अदाणी ग्रुप ने दुनिया की दिग्गज इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन सॉल्यूशंस कंपनी 'जाबिल इंक' (Jabil Inc) के साथ एक बड़े रणनीतिक समझौते (Strategic Alliance) का एलान किया है. इस मेगा पार्टनरशिप के तहत दोनों कंपनियां मिलकर भारत में एक वर्ल्ड-क्लास 'एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म' स्थापित करेंगी. इसका सीधा मकसद भारत को वैश्विक स्तर पर एआई हार्डवेयर का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाना है.
क्या है इस मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म का मास्टरप्लान?
यह साझेदारी जाबिल (Jabil) के 60 सालों के तकनीकी अनुभव और हाइपरस्केल डेटा सेंटर सॉल्यूशंस को अदाणी ग्रुप के विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ जोड़ेगी. इस प्लेटफॉर्म के कई पिलर्स होंगे-
- गीगा-स्केल एआई रैक निर्माण: भारत में बड़े पैमाने पर हाई-डेंसिटी एआई रैक, अत्याधुनिक लिक्विड-कूल्ड सर्वर्स, स्टोरेज और नेटवर्किंग सिस्टम का निर्माण किया जाएगा, जिसकी मांग दुनिया भर के बड़े डेटा सेंटर्स में है.
- 360-डिग्री एआई इंफ्रास्ट्रक्चर: सिर्फ कंप्यूटिंग रैक ही नहीं, बल्कि डेटा सेंटर को चलाने के लिए जरूरी पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (PDUs), कूलेंट डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (CDUs), ट्रांसफॉर्मर, स्विच गियर्स और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम जैसी हर छोटी-बड़ी मशीनरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा.
- 3 ट्रिलियन डॉलर का ग्लोबल मार्केट: अगले 7 वर्षों में एआई कंप्यूटिंग के क्षेत्र में दुनिया भर में 3 ट्रिलियन डॉलर (करीब 250 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश की संभावना है. दोनों कंपनियां इसी विशाल बाजार पर कब्जा करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं.
क्या बोले दोनों कंपनियों के मुखिया?
साझेदारी पर खुशी जताते हुए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, 'दुनिया एक ऐसी 'इंटेलिजेंस रिवॉल्यूशन' में प्रवेश कर रही है जो पिछली किसी भी औद्योगिक क्रांति से कहीं अधिक गहरी है. जो देश ऊर्जा (Energy) और कंप्यूट (Compute) के बीच संतुलन बना लेंगे, वे ही अगले दशक पर राज करेंगे और भारत इसके लिए पूरी तरह तैयार है. जाबिल के साथ हमारा ये कदम भारत को एआई युग में सिर्फ एक कंज्यूमर नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस क्रिएटर, बिल्डर और एक्सपोर्टर बनाएगा.'
वहीं, जाबिल (Jabil) के सीईओ माइक दस्तूर ने कहा, 'अदाणी ग्रुप के साथ ये सहयोग एआई इकोसिस्टम में हमारे ग्राहकों के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएट करेगा. जाबिल की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और अदाणी के विशाल एनर्जी प्लेटफॉर्म के मिलने से हम वैश्विक स्तर पर उद्यमों को बेहतरीन समाधान दे सकेंगे. भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता एआई मार्केट है और यहां का माहौल बिजनेस के लिए बेहद शानदार है."
'मेक इन इंडिया' के लिए गेमचेंजर
इस समझौते को लेकर बताया जा रहा है कि ये भारत के 'मेक इन इंडिया' अभियान के अगले चरण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. अब तक भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विदेशी सामानों के इम्पोर्ट पर निर्भर रहता था, लेकिन इस डील के बाद भारत एआई हार्डवेयर का एक बड़ा ग्लोबल एक्सपोर्टर (Exporter) बनकर उभरेगा. इससे देश में हाई-टेक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हजारों कुशल नौकरियां पैदा होंगी.
इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026 में डेटा सेंटर्स को साल 2047 तक दी गई ऐतिहासिक 'टैक्स हॉलिडे' की छूट और देश के नए 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट' (DPDP Act) के नियमों के कारण इसे वैश्विक बाजार में जबरदस्त बढ़त मिलेगी.
(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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