केन्या की सरकार ने नैरोबी के अहम हवाई अड्डे जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नवीनीकरण और विस्तार के लिए चीन की एक कंपनी के साथ 2.9 बिलियन डॉलर की एक बड़ी डील साइन की है. हैरानी वाली बात ये है कि ये चीनी सौदा हाल ही में रद्द किए गए भारत के अदाणी ग्रुप के प्रस्ताव से करीब 50% ज्यादा महंगा है. सोर्स से मिली जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 मे राष्ट्रपति विलियम रूटो की सरकार ने राजनीतिक विरोध, कानूनी चुनौतियों और सार्वजनिक जांच के बीच इसे रद्द कर दिया था.
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी ग्रुप को दी क्लीन चिट
केन्या ने शुरू में इस परियोजना के लिए अदाणी ग्रुप के साथ कुछ महीनों तक बातचीत की थी. अदाणी ग्रुप ने इसके लिए 1.85 बिलियन डॉलर का निवेश प्रस्ताव रखा था. हालांकि, नवंबर 2024 में ये सौदा रद्द कर दिया गया, क्योंकि अमेरिकी न्याय विभाग के अदाणी ग्रुप के खिलाफ लगाए गए वैश्विक आरोपों (जिन्हें अदाणी ग्रुप ने नकार दिया था) के बाद राष्ट्रपति विलियम रूटो पर दबाव बढ़ गया था. हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि उसके पास अदाणी ग्रुप के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं, इसलिए इस मामले को आगे बढ़ाना संभव नहीं है. इसी वजह से उसने जांच बंद कर दी और अब कानूनी तौर पर ये मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है.
जेकेआईए को बढ़ानी है अपनी क्षमता
जेकेआईए के विस्तार का काम 20 साल की योजना का हिस्सा है, जो 2045 तक चलेगी. इसमें रनवे, टर्मिनल, विमान खड़े करने की जगह, आने-जाने के रास्ते और दूसरी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. केन्या सरकार के अनुसार, 2025 में इस हवाई अड्डे से लगभग 90 लाख यात्रियों ने सफर किया, जबकि इसकी क्षमता केवल करीब 75 लाख यात्रियों की ही है, यानी ये पहले से ही अपनी सीमा से ज्यादा काम कर रहा है.
अदाणी ग्रुप की डील रद्द होने के बाद, केन्या ने हवाई अड्डे को बेहतर बनाने के लिए नई प्रक्रिया शुरू की और अब सरकारी मदद से फंडिंग का नया तरीका अपनाया है. राष्ट्रपति विलियम रूटो पहले ही इसे एक बड़ी परियोजना बता चुके हैं और जेकेआईए के आधुनिकीकरण को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के जरिए प्राथमिकता दी गई है.
(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं