अदाणी पोर्टफोलियो की प्रमुख कंपनियों में से एक और दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी बिल्डिंग मैटेरियल सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी, अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (Ambuja Cements) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए शानदार रिजल्ट घोषित किए हैं. कंपनी ने इस साल अपनी अब तक की सबसे अधिक सालाना बिक्री (Volume) दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. आय में भी शानदार उछाल है और मुनाफा भी जबरदस्त बढ़ा है. ऐसे में कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के साथ भी इस प्रॉफिट का कुछ हिस्सा शेयर करते हुए डिविडेंड यानी लाभांश का ऐलान किया है. रिजल्ट्स के बारे में नीचे विस्तार से चर्चा करते हैं.
मुनाफे और राजस्व में उछाल
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अंबुजा सीमेंट का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है.
- शुद्ध लाभ (PAT): कंपनी का शुद्ध लाभ (Normalised PAT) सालाना आधार पर 17% बढ़कर 2,647 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) में 2,255 करोड़ था.
- आय (Revenue): सालाना आय ₹40,656 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के ₹35,336 करोड़ के मुकाबले 15% अधिक है.
- EBITDA: कंपनी का EBITDA ₹6,539 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 31% की ग्रोथ दर्शाता है.
ऐतिहासिक उपलब्धियां, डिविडेंड का ऐलान
अंबुजा सीमेंट ने वित्त वर्ष 2026 में 73.7 मिलियन टन (MnT) की अपनी अब तक की सबसे अधिक सालाना बिक्री मात्रा (Annual Volume) हासिल की है. इसके अलावा, कंपनी ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं-
- पूरी तरह कर्ज मुक्त: अंबुजा सीमेंट अभी भी पूरी तरह कर्ज मुक्त (Debt Free) कंपनी बनी हुई है. कंपनी की नेट वर्थ ₹71,846 करोड़ है.
- क्षमता विस्तार: वित्त वर्ष 26 के दौरान कंपनी की कुल सीमेंट क्षमता बढ़कर 109 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) हो गई है. जोधपुर और भाटापारा जैसे स्थानों पर नई इकाइयों के चालू होने से इसमें मदद मिली है.
- लाभांश (Dividend): कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति शेयर के लाभांश की सिफारिश की है.
विलय और अधिग्रहण की सफलता
वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए विस्तार से एकीकरण (Consolidation) की ओर बढ़ने वाला वर्ष रहा. सांधी (Sanghi) और पेन्ना सीमेंट (Penna Cement) का अंबुजा सीमेंट के साथ विलय सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. इसके अलावा, ओरिएंट सीमेंट (Orient Cement) के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है और कंपनी सेबी (SEBI) से अनापत्ति प्रमाण पत्र का इंतजार कर रही है.
CEO ने बताई भविष्य की रणनीति
कंपनी के CEO विनोद बहेती ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद अंबुजा ने लचीला प्रदर्शन किया है. हालांकि, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से लागत का दबाव बढ़ा है. इससे निपटने के लिए कंपनी अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग को बढ़ा रही है, जो चौथी तिमाही में बढ़कर 32% हो गया है. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के मध्य तक अपनी क्षमता को 119 MTPA तक ले जाना है.
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