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8th Pay Commission से पहले पेंशनर्स को बड़ा तोहफा! OPS या NPS, चुन पाएंगे पसंद की पेंशन, जानिए कब तक उम्मीद

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है. ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के अनुसार कर्मचारियों को अलग-अलग पेंशन योजनाओं के बीच चुनाव करने का ऑप्शन मिल सकता है.

8th Pay Commission से पहले पेंशनर्स को बड़ा तोहफा! OPS या NPS, चुन पाएंगे पसंद की पेंशन, जानिए कब तक उम्मीद
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को पेंशन के मामले में जल्द ही एक खुशखबरी मिल सकती है.
  • देशभर में 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारियों और संगठनों के साथ बैठकें चल रही हैं.
  • सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन और नई पेंशन योजना में से चयन करने का विकल्प देने पर विचार कर रही है
  • नई पेंशन योजना बाजार आधारित है जबकि पुरानी पेंशन योजना फिक्स और गारंटीड पेंशन प्रदान करती है.
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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के लिए देशभर में कमीशन कर्मचारियों, संगठन के साथ बैठकें कर रहा है. इसमें कर्मचारियों की मांग और सुधार को जाना जा रहा है. इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जो लाखों कर्मचारियों और पेंशन होल्डर्स को खुश कर सकती है. दरअसल सरकार पुरानी पेंशन और नई पेंशन में किसे लेना है, इसका चुनाव केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जा सकता है. इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार पेंशन स्ट्रक्चर का चयन कर्मचारी कर सकेंगे.  

डॉ. मंजीत सिंह पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन ने एनडीटीवी से बात की. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए सरकार और कई संगठन पेंशन के चुनाव वाले विकल्प पर लगातार बातचीत कर रहे हैं. आने वाले 3 से 4 महीनों में पेंशन पर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है. हालांकि सरकार की तरफ से इस बारे में कोई भी ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है.

क्या है पूरा मामला?

मालूम हो कि अभी के नियमों के अनुसार 1 जनवरी 2004 के बाद से शामिल सभी केंद्रीय कर्मचारी नई पेंशन स्कीम में आते हैं. एनपीएस एक कंट्रीब्यूशन बेस्ड स्कीम है, जिसका सीधा संबंध बाजार के उतार और चढ़ाव से होता है. इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान देते हैं. पर पेंशन कितनी होगी इसका फैसला बाजार के रिटर्न पर निर्भर करता है. वहीं दूसरी तरफ पुरानी पेंशन स्कीम यानी ओपीएस कर्मचारी के आखिरी महीने में लिया हुआ वेतन और महंगाई भत्ते के आधार पर एक फिक्स अमाउंट में पेंशन बनती है. इसलिए कर्मचारियों की ये मांग है कि भविष्य को देखते हुए उन्हें एक फिक्स और गारंटी वाली पेंशन योजना चाहिए.

हालांकि सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस को भी लॉन्च किया है, जिसमें योगदान के साथ आखिरी 12 महीनों के एवरेज बेसिक पे और महंगाई भत्ते के 50% पेंशन के तौर पर मिलता है. यानी ओपीएस के मुकाबले इसमें सेफ्टी ज्यादा है. 

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क्या है कर्मचारियों की मांग?

8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारी कह रहे हैं कि भविष्य में आर्थिक समस्या बहुत हो सकती है. इसलिए उन्हें एक गारंटी और फिक्स पेंशन स्कीम चाहिए, जो पहले हुआ करती थी. ऐसे में अगर सरकार पेंशन के विकल्प वाली योजना पर काम करती है तो ये कर्मचारियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं होगा. वो मौजूदा पेंशन स्कीम में से अपने मन के अनुसार किसी भी स्कीम का चुनाव कर सकेंगे.

पेंशन के साथ वीआरएस का भी बड़ा मुद्दा

पुरानी पेंशन स्कीम के साथ कर्मचारी वीआरएस को लेकर पर इस 8वें वेतन आयोग में बड़ी मांगें कर रहे हैं. उनका कहना है कि जो भी कर्मचारी अपनी मर्जी से रिटायरमेंट लेता है, उसे अगले दिन से ही एक फिक्स पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए. यूनियनों का कहना है कि इससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट का जोखिम कम हो जाएगा.

कर्मचारियों की मांगें इस बार अलग

8वें वेतन आयोग के अगर प्रोसेस को देखें तो एक बात का पता चलता है कि कर्मचारियों की मांगे इस बार अलग हैं. पहले जहां सैलरी और भत्तों को बढ़ाने पर जोर रहता था, लेकिन इस बार ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के साथ कई बड़े संगठन इस बात पर अड़े हैं कि नौकरी के बाद की जिंदगी को पूरी तरह मार्केट के भरोसे नहीं छोड़ सकते. सैलरी बढ़नी चाहिए, लेकिन पेंशन पर भी सरकार को काम करने की जरूरत है.

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