केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्श के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी और लेटेस्ट खबर सामने आई है.8वें वेतन आयोग के गठन के बाद अब कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों को तय करने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है. लगभग 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का इंतजार अब एक कदम और आगे बढ़ गया है.8वें वेतन आयोगने अब अपनी अगली बैठकों (8th Pay Commission Meeting) का शेड्यूल जारी कर दिया है. दिल्ली में प्रस्तावित बैठकों के बाद अब आयोग सितंबर में चेन्नई और पुडुचेरी का दौरा करेगा.
इन बैठकों में केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों, संस्थानों, एसोसिएशनों और यूनियनों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे. आयोग ने दोनों शहरों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख भी तय कर दी है. अगर कोई पात्र संगठन आयोग से मिलना चाहता है तो उसे तय समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा.
चेन्नई में कब होगी 8वें वेतन आयोग की बैठक?
आयोग की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, चेन्नई में 7 और 8 सितंबर 2026 को बैठकें आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों में तमिलनाडु से जुड़े केंद्र सरकार के संगठन, संस्थान, एसोसिएशन और कर्मचारी यूनियन आयोग के सामने अपनी मांगें और सुझाव रख सकेंगे.आयोग से मिलने के इच्छुक संगठनों को 18 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ आयोग की वेबसाइट पर मेमोरेंडम जमा करने के बाद मिलने वाला Unique Memo ID भी देना अनिवार्य होगा. बैठक का स्थान और समय बाद में अलग से बताया जाएगा.
8th CPC Update: The Commission has announced its visit to Chennai (7–8 Sept) and Puducherry (9 Sept 2026). Eligible Central Government organizations, associations, and unions can apply for an appointment by 18 August 2026 with their Memorandum ID. Another key step in the 8th CPC… pic.twitter.com/riabyq2yZh
— 8th pay commission (@8thpaycommision) July 24, 2026
पुडुचेरी के लिए भी तारीख जारी
चेन्नई के बाद 8वां वेतन आयोग 9 सितंबर 2026 को पुडुचेरी पहुंचेगा. आयोग ने साफ किया है कि इस बैठक में केवल पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े केंद्र सरकार के संगठन, संस्थान, एसोसिएशन और यूनियन ही आवेदन करें.यहां भी आयोग से मिलने के लिए 18 अगस्त 2026 तक आवेदन करना होगा और आवेदन के साथ Unique Memo ID देना जरूरी रहेगा. बैठक का विस्तृत कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा.
दूसरे राज्यों के संगठन फिलहाल आवेदन न करें
आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि चेन्नई और पुडुचेरी की बैठकों में केवल संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के पात्र संगठन ही शामिल होंगे.साथ ही यह भी कहा गया है कि आयोग आने वाले समय में अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी अलग-अलग बैठकें करेगा. इसलिए दूसरे राज्यों के कर्मचारी संगठन फिलहाल इन बैठकों के लिए आवेदन न करें.
इन बैठकों में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
8वें वेतन आयोग की इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों और फेडरेशन से कई अहम मुद्दों पर सुझाव लिए जाएंगे. इनमें कर्मचारियों के सैलरी रिवीजन, फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते, पेंशन, प्रमोशन, करियर प्रोग्रेशन जैसे विषय शामिल रहेंगे.आयोग इन सभी सुझावों पर विचार करेगा और उसके बाद केंद्र सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपेगा.
दिल्ली में भी पहले हो चुकी है बैठक की घोषणा
इससे पहले आयोग ने दिल्ली में 7 और 10 अगस्त 2026 को बैठकों का कार्यक्रम घोषित किया था. दिल्ली में केवल वहां स्थित या पंजीकृत केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी संगठन, फेडरेशन और यूनियन आयोग से मिलने के लिए आवेदन कर सकते हैं.दिल्ली की बैठकों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है.
कर्मचारी डेटा जमा करने की समय सीमा भी बढ़ी
आयोग ने मंत्रालयों, सरकारी विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों को कर्मचारी डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी अतिरिक्त समय दिया है.अब यह जानकारी 31 जुलाई 2026 तक जमा की जा सकेगी. आयोग ने बताया कि कई विभागों ने डेटा तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया.
आयोग ने यह भी साफ किया है कि केवल उसके आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया गया डेटा ही स्वीकार होगा. ईमेल या हार्ड कॉपी के जरिए भेजी गई जानकारी पर विचार नहीं किया जाएगा.
पुरानी पेंशन योजना की भी उठ सकती है मांग
कर्मचारी संगठनों की ओर से इन बैठकों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग भी उठने की संभावना है.हालांकि केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि फिलहाल OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नई पेंशन योजना (NPS) कर्मचारियों को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं देती, इसलिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाना चाहिए.
करीब 1 करोड़ लोगों पर पड़ेगा असर
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग की अध्यक्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई हैं. आयोग में प्रो. पुलक घोष सदस्य और पंकज जैन सदस्य सचिव हैं.सरकार ने आयोग को 18 महीने के भीतर कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लेकर वेतन, भत्तों और पेंशन सुधारों पर अपनी सिफारिशें देने का जिम्मा सौंपा है.
आयोग की सिफारिशों का फायदा करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनर्स यानी कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ लाभार्थियों को मिलने की उम्मीद है.
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