8th CPC HRA: देश के 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग का इंतजार है. ऑनलाइन मेमोरेंडम सौंपने की डेडलाइन 15 जून को खत्म हो चुकी है, जबकि देश के अलग-अलग शहरों में चलने वाली आयोग की मीटिंग्स अभी भी जारी है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 और 23 जून को 8वें वेतन आयोग की बैठक हुई. सचिव पंकज जैन की अगुवाई में टीम ने संगठनों के साथ बैठकें की. आयोग ने अलग-अलग कर्मचारी-पेंशनर्स संगठनों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से प्राप्त सुझावों और मांगों को देखना शुरू कर दिया है. सैलरी, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर से इतर इनमें एक बड़ी मांग HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस यानी आवास किराया भत्ते से जुड़ी है.
पहले भी कई कर्मचारी संगठन HRA में बढ़ोतरी को लेकर सुझाव दे चुके हैं और मांग कर चुके हैं. संगठनों का खास तौर से कहना है कि मेट्रो शहरों में HRA नाकाफी पड़ता है. कुछ संगठनों ने इसे बढ़ाकर 36 से 40 फीसदी तक करने की मांग की है. संगठन के अधिकारियों का कहना है कि इसमें तर्क भी दिखता है, क्योंकि लेवल 1 के कर्मियों को 5,400 रुपये किराया भत्ता मिलता है, जबकि घर का किराया कम से कम 12,000 रुपये तक पड़ता है.
HRA बढ़ोतरी पर क्या है मांग?
दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे शहर X कैटगरी यानी महंगे शहरों की कैटगरी में आते हैं. AINPSEF यानी ऑल इंडिया NPS इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि इन शहरों में आज भी लेवल 1 के कर्मचारी को HRA के तौर पर बेसिक पे का महज 30% मिलता है, जो कि 5400 रुपये है, जबकि किराया कहीं ज्यादा देना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक छोटे साइज के 2BHK फ्लैट का किराया कम से कम 12,000 रुपये होता है, जबकि पॉश इलाके में जाएं तो 2BHK फ्लैट 15 से 20 हजार रुपये से कम के किराये में नहीं मिलने वाले. ऐसे में कर्मचारी कहां से अपनी जरूरतें पूरी करेंगे.
इसमें बदलाव करवाने के लिए AINPSEF ने X कैटगरी के शहरों में मिनिमम 36% HRA की डिमांड की है. डॉ पटेल का कहना है कि अगर डिमांड पूरी होती है तो 8CPC लागू होने के बाद HRA कम से कम 13,600 हो सकता है, जिससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है.
उन्होंने बताया कि AINPSEF ने आठवें वेतन आयोग के सामने X कैटगरी के शहरों के लिए 36%, Y कैटगरी के लिए 24% और Z कैटगरी के लिए 12% HRA की मांग रखी है. फेडरेशन का दावा है कि यदि प्रस्ताव स्वीकार होता है तो कर्मचारियों के HRA में काफी बढ़ोतरी हो सकती है.
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