आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) ने रेलकर्मियों के वेतन, जोखिम भत्तों और पदोन्नति से जुड़े मुद्दे उठाए हैं. हाल ही में रेलकर्मियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने आठवें वेतन आयोग के साथ एक बेहद अहम और हाई-लेवल मीटिंग की, जो करीब 2 घंटे तक चली. इस मीटिंग में फेडरेशन ने रेलवे कर्मचारियों की कठिन कार्य परिस्थितियों और बढ़ती तकनीकी जिम्मेदारियों को सैलरी तय करने वाले फैक्टर्स में शामिल करने की मांग की.
AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि इस मीटिंग में आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, सदस्य प्रो पुलक घोष और सदस्य-सचिव पंकज जैन भी मौजूद थे.
रेलवे की विशेष कार्य परिस्थितियों के अनुरूप हो वेतन
AIRF ने कहा कि रेलवे कर्मचारी पूरे साल, 24 घंटे और अलग-अलग भौगोलिक मौसमी परिस्थितियों में काम करते हैं. आधुनिकीकरण के साथ उनकी तकनीकी जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं. इसलिए इन जिम्मेदारियों और जरूरी कौशल को वेतनमान में उचित महत्व मिलना चाहिए.
3.83 फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन हो 69,000 रुपये
बैठक में न्यूनतम वेतन और रेलवे-विशेष भत्तों पर भी चर्चा हुई. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए NC-JCM के वेतन सुधार प्रस्ताव में न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये, फिटमेंट फैक्टर 3.833 और सालाना वेतनवृद्धि 6% रखने की मांग की गई है. हालांकि AIRF की बैठक के उपलब्ध विवरण में इन आंकड़ों की अलग से पुष्टि नहीं की गई है.

जोखिम और कठिनाई भत्तों में सुधार की मांग
AIRF ने ड्यूटी के दौरान दुर्घटना और गंभीर चोट के जोखिम का हवाला देते हुए जोखिम एवं कठिनाई भत्ता, खतरनाक ड्यूटी भत्ता, पहाड़ी भत्ता और ड्रेस भत्ता देने की मांग रखी.
NC-JCM के ज्ञापन में भी जोखिमपूर्ण काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कम से कम 10,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम एवं कठिनाई भत्ता देने और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ने का प्रस्ताव है. इसके अलावा सभी केंद्रीय कर्मचारियों को ड्रेस भत्ता देने और मौजूदा दर को तीन गुना करने की मांग की गई है.
ट्रैक मेंटेनरों को टेक्निशियन्स के बराबर मानने की मांग
AIRF ने ट्रैक मेंटेनरों के कठिन और जोखिमपूर्ण काम के साथ उनकी बढ़ती तकनीकी जिम्मेदारियों को भी रेखांकित किया. फेडरेशन ने उन्हें रेलवे की अन्य इंजीनियरिंग शाखाओं के तकनीशियनों के समकक्ष मानने का आग्रह किया.
ट्रैक मेंटेनर, पेट्रोलमैन, कीमैन और गेटमैन के लिए विशेष भत्तों की मांग भी रखी गई. लोको और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के मुद्दों पर अलग से चर्चा हुई. महिला प्रतिनिधियों ने महिला लोको पायलटों, सहायक लोको पायलटों, ट्रेन मैनेजरों और ट्रैक मेंटेनरों की समस्याएं आयोग के सामने रखीं.
टेक्निशियन्स के वेतनमानों के विलय का प्रस्ताव
तकनीशियनों के बेहतर वेतनमान और पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के लिए AIRF ने कुछ मिडिल स्तर के वेतनमानों को मिलाने की मांग की. NC-JCM के वेतन ज्ञापन में लेवल 2 और 3, लेवल 4 और 5, लेवल 7 और 8 के अलावा लेवल 9 और 10 के विलय का प्रस्ताव है. हालांकि इन विशिष्ट पे-लेवलों को पहले उठाया जा चुका है.
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