भारतीय इक्विटी मार्केट 2026 में मजबूत रहने की उम्मीद है. इसे मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, स्थिर नीतिगत समर्थन और बढ़ती घरेलू मांग का फायदा मिलेगा. बीपी वेल्थ और स्टॉकबॉक्स की ओर एक रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक बाजारों के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन इस साल भी जारी रहने की उम्मीद है. इस दौरान ऑटो सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन करने की उम्मीद है और इस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ मिड-सिंगल-डिजिट से लेकर हाई-सिंगल-डिजिट में रहने की उम्मीद है और ब्याज दरों में कमी एवं जीएसटी 2.0 का भी फायदा देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को मिलेगा. बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन भी मजबूत रहने की उम्मीद है। इस दौरान गोल्ड लोन, रिटेल लोन, एग्रीकल्चर लोन और एमएसएमई लोन सेगमेंट अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की राजकोषीय रणनीति में विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन के साथ-साथ ऋण-से-जीडीपी अनुपात में निरंतर कमी लाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संचयी 125 बीपीएस की ब्याज दर कटौती, तरलता बढ़ाने और व्यापक विवेकपूर्ण उपायों से "विकास के लिए मजबूत आधार" उपलब्ध होगा. सीमेंट और धातु जैसे अधिक कैपिटल वाले क्षेत्रों को सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से लाभ होना चाहिए. कुल सीमेंट की मांग में लगभग 6-7 प्रतिशत और इस्पात की मांग में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है. वहीं फार्म सेक्टर के राजस्व में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है. हाल में जारी हुए एक रिपोर्ट में बताया गया कि भारत का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी दिसंबर 2026 तक 29,150 के आंकड़े को छू सकता है. पहले यह दिखाता है कि निफ्टी इस साल करीब 12 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि कम मुद्रास्फीति और राजकोषीय एवं मौद्रिक उपायों से समर्थित बेहतर मांग का माहौल घरेलू आय चक्र में सुधार लाएगा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं