विज्ञापन

QR कोड प्‍लीज... UPI लेनदेन 10 साल में 13000 गुना बढ़ा, 11 देशों में डंका, हर दिन इतने लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्‍शन

UPI 10 Years Glory: जब PM मोदी ने 2016 में BHIM UPI लॉन्च किया था, तो उन्होंने लोगों से देश को कैशलेस इकोनॉमी में बदलने के लिए डिजिटल पेमेंट को अपनी आदत बनाने की अपील की थी. आज एक दशक में UPI का शानदार सफर ऐसा रहा है जिस पर हर भारतीय को गर्व हो सकता है.

QR कोड प्‍लीज... UPI लेनदेन 10 साल में 13000 गुना बढ़ा, 11 देशों में डंका, हर दिन इतने लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्‍शन
UPI के 10 साल पूरे, ट्रांजैक्‍शन वैल्‍यू कई गुना बढ़ी
Source: NDTV Graphics/Canva

हम-आप किसी चाय की टपड़ी पर जाते हैं, चाय की चुस्कियां लेते हैं, एकाध समोसे तोड़ते हैं और पूछते हैं, भैया कितना हुआ. चायवाले भैया बताते हैं- 47 रुपये हो गए साब. हम-आप मोबाइल निकालते हैं, बोलते हैं- QR कोड दिखाना भैया जरा. फिर आवाज आती है- टूं-टूं... भारत-पे पर 47 रुपये प्राप्‍त हुए, धन्‍यवाद. UPI ने हमारी जिंदगी कितनी आसान कर दी है न. छोटे से छोटा पेमेंट हो या लाखों की शॉपिंग... हम मोबाइल निकालते हैं और धक्‍क से पेमेंट डन. 

देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की रीढ़ बन चुके UPI ने अपने शानदार 10 साल पूरे कर लिए हैं. इस एक दशक के सफर में UPI ने देश के लेन-देन का तरीका बदलने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है. वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इन 10 वर्षों में  UPI लेनदेन 13,000 गुना बढ़ चुका है. केवल एक साल में ट्रांजैक्‍शन वैल्‍यू 314 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है. UPI आज न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के 11 प्रमुख देशों में ऑपरेशनल हो चुका है.

UPI ट्रांजैक्‍शन में रिकॉर्ड तोड़ 13,000 गुना की छलांग

वित्त वर्ष 2016-17 में जहां UPI के जरिए सालभर में सिर्फ 1.78 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह संख्या 13,000 गुना बढ़कर 24,162 करोड़ को पार कर गई है. वैल्यू में बढ़ोतरी की बात करें तो इसी अवधि में UPI ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 0.07 लाख करोड़ रुपये से लगभग 4,000 गुना बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये हो गई है. साल 2026 में इसकी रफ्तार और तेज हुई है. जुलाई 2026 में प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड 2,366 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए, जो इसके 10 साल के इतिहास में सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है.

Latest and Breaking News on NDTV

दुनिया के 11 देशों में लहराया परचम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय के अनुसार, UPI अब फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, ग्रीस और मॉरीशस सहित दुनिया के 11 देशों में पूरी तरह ऑपरेशनल है. आईएमएफ (IMF) की मुहर: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी UPI को ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है. ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट में अकेले UPI की हिस्सेदारी करीब 49% है.

छोटे भुगतानों से लेकर बैंकों की बढ़ी भागीदारी

UPI प्लेटफॉर्म से जुड़े लाइव बैंकों की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 के 44 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 703 हो गई है, जिसमें सभी तरह के सरकारी, प्राइवेट और को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं. रोजमर्रा के छोटे खर्च के ‍लिए ये पेमेंट का लोकप्रिय माध्‍यम बन चुका है. डेटा बताते हैं कि लोग अब छोटे-छोटे भुगतानों के लिए भी पूरी तरह UPI पर निर्भर हैं. वित्त वर्ष 2026 में लगभग 86% मर्चेंट पेमेंट (P2M) और 59% पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन 500 रुपये से कम के रहे.

केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा?

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि UPI ने साबित कर दिया है कि 'डिजिटल इंडिया' के जरिए देश के नागरिकों को तेज, आसान और सुरक्षित फाइनेंशियल इंटरफेस देकर सशक्त बनाया जा रहा है.

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 'क्यूआर कोड प्लीज?' आज करोड़ों भारतीयों की रोजमर्रा की बातचीत और संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुका है.

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया, जिसने लाखों भारतीयों को वित्तीय भागीदारी के नए दौर से जोड़ा है.

ये भी पढ़ें: UPI की अनकही कहानी: मुफ्त डिजिटल भुगतान से फिनटेक की ताकत बनने तक, भारत ने कैसे दिखाई दुनिया को नई राह?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
UPI Payment, UPI 10 Years, Upi Abroad, UPI Acceptance In India, UPI Transaction Growth
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com