क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव के परिवार की मदद नहीं करनी चाहिए ?

गुड्डी राव के परिवार को ओडिशा सरकार के तरफ से कोई मदद नहीं मिली है. जिस गुड्डी राव समाज के लिए अपने ज़िन्दगी गुजार दी, अपने खुद की पैसे से गरीब तबकों की मदद किया आज उसी गुड्डी राव का परिवार तकलीफ में है.

क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव के परिवार की मदद नहीं करनी चाहिए ?

गुड्डी राव ने कोरोना काल में हजारों गरीबों की मदद की

गुड्डी राव से करीब 15 महीने पहले बात हुई थी. कोरोना के दौरान जब बेघर लोगों को खाना नहीं मिल रहा था तब गुड्डी राव गरीब तबकों को खाना खिला रहे थे. ओडिशा के बरगढ़ रेलवे स्टेशन में काम करने वाले कुली ,रिक्शा वाले, गरीब मजदूरों की पेट गुड्डी राव ही भरते थे। रोज 600 लोगों को खाना खिलाते थे. गुड्डी राव  सुबह से खाना के तैयारी में लग जाते हैं. सुबह सुबह उठकर सब्जी लाते हैं,मजदूरों के साथ मिलकर खाना बनाते हैं फिर मारुति वैन में भर कर निकल पड़ते हैं.  गुड्डी राव की स्टोरी एनडीटीवी के प्राइम टाइम में भी चली थी.

सामाजिक कार्य के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुड्डी राव को सम्मानित भी किया था. आज ऐसे किसी गुड्डू को फ़ोन लगा रहा था तो गलती से गुड्डी राव को लग गया. जब तक फोन काटता तब तक 3-4 रिंग हो चुकी थी.  किसी ने फ़ोन नहीं उठाया. करीब एक  घंटे बाद वापस फ़ोन आया. किसी महिला की आवाज़ थी. मुझे लगा कहीं गलत जगह फ़ोन लग गया है या फिर गुड्डी राव का नंबर किसी दूसरे को मिल गया है. मैंने पूछा क्या यह गुड्डी राव जी का  नंबर है तो जवाब मिला कि “हां यह गुड्डी  राव की नंबर है, मैं उनकी पत्नी बोल रही हूँ ”. फिर मैंने कहा कि क्या गुड्डी  राव जी से बात हो सकती है तो पत्नी पुष्पा रावने बताई कि गुड्डी राव का देहांत हो चुका है.

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Guddi Rao Help poor People in Odisha

अक्टूबर 2020 में हार्ट अटैक  से  उनकी मौत हो गई थी. डॉक्टर को दिखाने के लिए मेडिकल गए थे तो वहां पर हार्ट अटैक आया.   गुड्डी राव के परिवार बरगढ़ के रेलवे स्टेशनपडा में रहती है. राव की पत्नी बताने लगी कि घर की हालत बहुत खराब है. कोई मदद नहीं कर रहा है. दो बेटी हैं. दोनों बेटी  इंजीनियर की पढाई की है, लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिली है. ट्यूशन पढ़ा रही हैं, लेकिन फिर भी घर का खर्चा नहीं उठा पा रही हैं. गुड्डी राव जो भी कमाते थे ज्यादातर पैसा समाज सेवा में खर्च कर देते थे. इसीलिए परिवार के लिए  कुछ छोड़कर नहीं गए हैं. सिर्फ कोरोना के समय में नहीं लगभग 20 सालों से गुड्डी राव अपने इलाके गरीब तबकों की मदद करते आ रहे थे. अपने इलाके एक श्मशान घाट बनाए हैं.  

दाह संस्कार के लिए गरीब लोगों को लकड़ी दान करते थे. अगर किसी की तबियत ख़राब हो जाती थी तो डॉक्टर बुलाकर फ्री ट्रीटमेंट भी कराते  थे. गरीब बच्चों को किताब दान करते थे। रेलवे स्टेशन के पास गरीबों के लिए पानी का टैब भी बनाया है ताकि की गर्मी के दिन में लोग पानी पी सके. इस सामाजिक कार्य के लिए उन्हें कई जगह सम्मान किया गया था. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी उन्हें सम्मानित किए थे. 23 अप्रैल 2020 ओडिशा के मुख्यमंत्री ऑफिस के तरफ से गुड्डी राव के काम की सहराना किया गया था.

ओडिशा के मीडिया में उनकी इस सामाजिक कार्य के लिए बहुत सारे खबर भी छपी थी. पुष्पा राव ने बताई कि कौन बनेगा करोड़पति के होस्ट अमिताभ बच्चन जी से भी गुड्डी राव की बात हुई थी, KBC में भाग लेने की चर्चा हुई थी. पुष्पा राव का यह भी कहना है पद्म अवार्ड के लिए भी उनकी नाम की चर्चा थी.  

गुड्डी राव के गुजर जाने के बाद न तो मीडिया ने उनकी परिवार की समस्या को कवर किया है न ओडिशा सरकार के तरफ से कोई मदद मिली है. जिस गुड्डी राव समाज के लिए अपने ज़िन्दगी गुजार दी , अपने खुद की पैसे से गरीब तबकों की मदद किया आज उसी गुड्डी राव का परिवार तकलीफ में है. क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव की परिवार को मदद नहीं करना चाहिए ? क्या समाज  को मदद करने के लिए आगे नहीं आना चाहिए ?


(सुशील मोहपात्रा NDTV इंडिया में Chief Programme Coordinator & Head-Guest Relations हैं)

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