पटना के बरियारपुर गांव के ललन मिश्रा की पत्नी निर्मला देवी 48 साल बाद वापस आईं तो वह फूट-फूटकर रोने लगे. परिवार में लोगों के खुशी के आंसू थे. सभी घर के लोगों ने उनका स्वागत किया. पत्नी छोड़कर गई तो ललन ने दूसरी शादी नहीं कि और इंतजार करते रहे. पत्नी के इंंतजार में पूरा जीवन अकेले ही गुजार दिया. अब बुढ़ापे में पत्नी का साथ मिला तो खुशी से रो दिए.
1977 में हुई थी शादी
ललन मिश्रा शादी के दिनों को करते हुए रो पड़े. उन्होंने बताया कि मार्च 1977 में उनकी शादी निर्मला देवी से हुई थी, निर्मला शादी के 6 महीने बाद ही घर छोड़कर अपने मायके दरभंगा चली गई थीं. इसके बाद ससुराल की तरफ कभी मुड़कर भी नहीं देखा. ललन मिश्रा अपनी पत्नी को आस-पास के गांव में ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिलीं. बाद में पता चला कि वह अपने मायके चली गईं.
पत्नी की याद में नौकरी छोड़ दी
पत्नी की याद में अच्छी खासी नौकरी भी छोड़ दी, और 3 महीनों तक पागलों की तरह जीवन बिताया. पत्नी निर्मला देवी बताती हैं कि उन्हें ससुराल के ही कुछ लोगों ने भड़काकर घर छोड़ने पर मजबूर किया था. घर छोड़ने के बाद निर्मला देवी अपने मायके में रहीं.
टीचर बन गईं निर्मला
निर्मला के पिता ने नागपुर में सरकारी स्कूल में नौकरी लगवा दी. तभी से वे वहीं रह रही हैं. अब वो ससुराल लौट आईं. निर्मला देवी ने हाथ में छपा गोदना अपने पति को दिखाया, जो शादी के समय पति के लिए बनवाया था. यह देखकर पति और पूरा परिवार हैरान रह गया.
थाने से पति की जानकारी ली
निर्मला देवी अपने ससुराल बरियारपुर आने से पहले बख्तियारपुर थाना गई थीं, और वहीं से अपने पति के बारे में जानकारी ली थी. आज घर के आंगन में कई वर्षों बाद फिर खुशियां लौट आई हैं. जीवन के अंतिम बेला में अब उनके अकेलापन का साथी लौट आया है.
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