Manisha Ranjan Success Story: दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम के बल पर सारण (छपरा) की रहने वाली होनहार बेटी मनीषा रंजन (Manisha Ranjan) ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में परचम लहराया है. मनीषा ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की. उनका चयन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (Labour Enforcement Officer) के पद के लिए हुआ है. मनीषा न सिर्फ अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया, बल्कि अपने गांव और ब्लॉक की पहली अफसर बिटियां बनने का गौरव भी प्राप्त किया. मनीषा की इस सफलता से पूरे गांव और इलाके में खुशी का माहौल है.
बिजनेसमैन की बेटी बनीं अफसर
मनीषा एक अनुशासित और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं. पिता मुकेश कुमार बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी माता अनिता देवी एक कुशल गृहिणी हैं. मनीषा तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी है. मनीषा सारण (छपरा) जिले के जलालपुर प्रखंड की साधपुर बल्ली गांव की रहने वाली है. हालांकि उनके पिता पटना में व्यवसाय करते हैं, इसलिए पूरा परिवार वहीं रहता है. उन्होंने BPSC परीक्षा में 1797वीं रैंक हासिल कर अपने गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है.
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बिना महंगे कोचिंग के घर पर की तैयारी
मनीषा की प्रारंभिक शिक्षा पटना के फतुहा स्थित एक प्राइवेट विद्यालय से हुई. इसके बाद उन्होंने गंगा देवी महिला कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने 2019 में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद मनीषा 2022 से बीपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गई. बीपीएसी की तैयारी के साथ साथ उन्होंने बीएड की डिग्री हासिल की है. वर्तमान में वह पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं. आज के दौर में जहां छात्र बड़े शहरों और महंगे कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं, वहीं मनीषा ने घर पर रहकर ही सेल्फ स्टडी को अपना हथियार बनाया.
दोस्तों की सफलता देख होती थी मोटिवेट
मनीषा ने NDTV को बताया कि तैयारी के दौरान कई बार निराशा और हताशा का सामना करना पड़ा. ऐसे मौके आए, जब मन में खुद पर संदेह होने लगा. हालांकि जब मैं बीपीएससी में चयनित अपने दोस्तों की सफलता देखती थीं, तो मुझे फिर से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी. यही प्रेरणा मुझे कठिन परिस्थितियों में भी लगातार मेहनत करने के लिए उत्साहित करती रही.
मां की आंखों से छलक पड़े आंसू
वो आगे कहती हैं कि इस पूरी तैयारी के सफर में उनके परिवार, खासकर उनकी मां का सबसे बड़ा सहयोग रहा... हर मुश्किल समय में मां ने उनका हौसला बढ़ाया. मनीषा कहती हैं, '20 जून को जब रिजल्ट आया और मेरा चयन होने की खबर मिली, तो मेरी मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए. वह पल मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक था... यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष की जीत है.
14 दिनों में कैसे करें 72वीं BPSC की तैयारी
मनीषा ने बीपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण सलाह देते हुए NDTV से कहा, 'जब मैंने अपनी तैयारी शुरू की थी, तब मैं कई अलग-अलग सोर्स के पीछे भागती थी. इसका मेरी पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ा और काफी समय भी बर्बाद हुआ. इसलिए मैं सभी अभ्यर्थियों से कहना चाहती हूं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता... किसी एक विश्वसनीय सोर्स पर भरोसा करें, उसी से लगातार पढ़ाई करें और बार-बार रिवीजन करें... यही रणनीति आपको सफलता की मंजिल तक पहुंचाएगी.
उन्होंने NDTV से आगे कहा, '72वीं बीपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के पास अब बहुत कम समय बचा है. प्रीलिम्स परीक्षा में महज 14 दिन शेष हैं, इसलिए इस समय नए टॉपिक्स के पीछे भागने के बजाय अपने पढ़े हुए विषयों को मजबूत करना सबसे जरूरी है. जितना पढ़ चुके हैं, उसका बार-बार रिवीजन करें और जिन टॉपिक्स में आप वीक है, उन पर विशेष ध्यान दें.
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