- पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में 3 महीने बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.
- मृतक छात्रा के परिवार ने CBI की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले में लीपापोती का आरोप लगाया है.
- राज्य सरकार ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला CBI को सौंपा था, जो पिछले दो महीनों से जांच कर रही है.
बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. घटना को करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आने से परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को पटना के कारगिल चौक पर परिवार और समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और CBI के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया.
प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद भावुक और गुस्से से भरा हुआ था. मृतक छात्रा की मां ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी पीड़ा जाहिर की. उन्होंने जांच एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि CBI इस मामले में सही दिशा में काम नहीं कर रही है. उनका आरोप है कि पूरे केस को दबाने और लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है. परिवार का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना जांच की धीमी रफ्तार और गंभीरता पर सवाल खड़े करता है.
राज्य सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया
इस मामले की शुरुआत में जांच पटना पुलिस ने की थी. बाद में केस की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. हालांकि, जब परिजनों ने जांच पर असंतोष जताया और निष्पक्षता पर सवाल उठाए, तब राज्य सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया. CBI पिछले दो महीनों से इस केस की जांच कर रही है और कई लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है.
इसके बावजूद, परिवार का आरोप है कि जांच में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है. उनका कहना है कि जानबूझकर केस को लंबा खींचा जा रहा है ताकि सच्चाई सामने न आ सके. प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने साफ कहा कि उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

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कारगिल चौक पर विरोध प्रदर्शन
कारगिल चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है. आम लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी. सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां कई लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं.
अब सबकी नजर CBI की अगली कार्रवाई पर टिकी है. क्या जांच एजेंसी इन आरोपों का जवाब देगी? क्या जल्द कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी? और सबसे अहम सवाल क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा?

फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की जवाबदेही और जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. ऐसे में जरूरी है कि जांच निष्पक्ष और तेज गति से हो, ताकि सच सामने आए और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके.
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