नीतीश कुमार क्‍या आरसीपी सिंह का टिकट काटने वाले हैं?

फिलहाल पटना में कैंप कर रहे केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह अपनी उम्मीदवारी को लेकर आशान्वित हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश से उनके संबंध 25 साल पुराने हैं, इसलिए लोगों को अधिक अटकलें लगाने से बचना चाहिए.

नीतीश कुमार क्‍या आरसीपी सिंह का टिकट काटने वाले हैं?

नीतीश ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के मंत्रियों-विधायकों की बैठक बुलाकर सियासी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया

पटना :

Bihar News:बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार का दिन राजनीतिक गहमागहमी भरा रहा. जहां सीबीआई की ओर से लालू यादव के ख़िलाफ़ एक और मामले में राबड़ी देवी के आवास पर छापेमारी के कारण राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों-कार्यकर्ताओं का हुजूम दिनभर सक्रिय रहा, वहीं शाम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पार्टी के मंत्रियों-विधायकों की बैठक बुलाकर सियासी अटकलों का बाज़ार गर्म कर दिया. हालांकि इस बैठक में नीतीश  को राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार तय करने के लिए अधिकृत किया गया. 

नीतीश ने जैसे ही राज्यसभा के उम्मीदवार तय करने के लिए बैठक बुलाई तो उनके अपने पार्टी के समर्थक मानने लगे कि शायद सीएम ने इस बार केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह को तीसरी बार उम्मीदवार न बनाने का मन बनाया है क्योंकि अगर उन्हें (आरपीएस को) टिकट फिर देना होता तो शायद इस बैठक और स्‍वयं को अधिकृत करवाने की औपचारिकता न करते. नीतीश अगर विधायकों से इस विषय पर रायशुमारी कर रहे हैं तो उसका मतलब साफ़ हैं कि वो उनकी राजनीतिक ग़लतियों का सबक़ सिखाना चाहते हैं. हालांकि फिलहाल पटना में कैंप कर रहे केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह अपनी उम्मीदवारी को लेकर आशान्वित हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से उनके संबंध 25 साल पुराने हैं, इसलिए लोगों को अधिक अटकलें लगाने से बचना चाहिए.

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उधर, बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं का कहना हैं कि नीतीश को मालूम है कि आरसीपी को टिकट से बेदख़ल करने का सीधा अर्थ होगा कि फ़िलहाल भाजपा के साथ 'सेतु' के काम से न केवल वे नाराज़ हैं बल्कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी भागीदारी ख़त्म करना चाहते हैं. बीजेपी नेताओं को उम्मीद हैं कि आरसीपी को इतना जल्दी 'पैदल' नीतीश कुमाार नहीं करेंगे क्योंकि उनको राजनीतिक रूप से सशक्त भी सीएम ने ही किया है. गौरतलब है कि नीतीश को जब कोई बड़ा कदम उठाना होता हैं तो वो विधायकों के साथ विचारविमर्श का सहारा लेते हैं.

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