बीजेपी शासित राज्यों में अवैध तरीके से मांस बेचने वाले दुकानों पर नकेल कसी जा रही है. हाल ही में कई राज्यों में ऐसा फरमान जारी किया गया है. वहीं अवैध तरीके से जहां-तहां मांस बेचने की दुकान खोले जा रहे हैं. खास कर शैक्षणिक संस्थानों के पास विशेष ध्यान रखा जा रहा है. ऐसे में अब बिहार में भी अवैध मांस दुकानों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने फरमान जारी कर कहा है कि बिहार में बिना लाइसेंस मांस की बिक्री की अनुमति नहीं होगी.
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार (24 मार्च) को आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य में बिना लाइसेंस वाले विक्रेताओं द्वारा मांस की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी.
अवैध मांस बेचने वालों पर पूरी सख्ती से रोक लगाएंगे
विजय सिन्हा पत्रकारों से यहां बात करते हुए कहा कि बिहार में मांस की दुकानें चलाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है. बिना लाइसेंस वालों द्वारा अवैध मांस बेचने वालों पर हम पूरी सख्ती से रोक लगाएंगे. उन्होंने कहा कि जनहित में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास खुले स्थानों पर मांस की बिक्री पर निगरानी रखी जाएगी.
उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'जन स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देने के लिए धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आसपास विशेष निगरानी की जाएगी, जो आम लोगों के कल्याण के लिए आवश्यक है.'
विजय सिन्हा ने कहा है कि जो विक्रेता नियम को नहीं मानेंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अतिक्रमण की शिकायत व्हॉट्सऐप नंबर पर कर सकेंगे
विजय सिन्हा ने मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के 100 दिन के काम का लेखा जोखा पेश किया. इसमें उन्होंने अतिक्रमण पर भी सख्ती करने के आदेश दिए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से WhatsApp नंबर जारी किया जा रहा है. जिस पर आम लोग नाले जाम या अतिक्रमण की जानकारी दे सकते हैं.
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