मुजफ्फरपुर के बालिका गृह भवन ( शेल्टर होम) को ध्वस्त किया जाएगा.
- ब्रजेश ठाकुर की मां को एक महीने की मोहलत दी गई थी
- भवन के निर्माण में पारित नक्शे का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
- निगरानी के लिए दो दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई
मुजफ्फरपुर:
बिहार के मुजफ्फरपुर नगर निगम (एमएमसी) ने बालिका गृह भवन ( शेल्टर होम) के सामान की जब्ती सूची तैयार करने और खाली कमरों की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही इस भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसी भवन में 34 लड़कियों का यौन शोषण करने का मामला सामने आया था जिसकी जांच सीबीआई कर रही है.
एमएमसी ने इस भवन के निर्माण में पारित किए गए नक्शे का उल्लंघन किए जाने पर इसे ध्वस्त करने का आदेश गत 12 नवंबर को दिया था. नगर आयुक्त संजय दुबे ने बताया, ‘‘शहर के साहू रोड स्थित भवन को ध्वस्त करने के लिए निगम ने यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की मां को एक महीने की मोहलत दी थी. इसके समाप्त होने के बाद यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.''
यह भी पढ़ें : मुजफ्फरपुर मामला : ब्रजेश ठाकुर के बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट के जज को लिखा पत्र, लगाए आरोप
जेल में बंद ब्रजेश की संस्था ‘‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति'' द्वारा इसका संचालन किया जा रहा था. दुबे ने बताया, ‘‘भवन को ध्वस्त करने से पहले दंडाधिकारी की उपस्थिति में उसके सामान की एक जब्ती सूची तैयार की. इसके बाद सभी खाली कमरों की वीडियोग्राफी भी कराई.''
VIDEO : सुप्रीम कोर्ट ने सभी 17 केस सीबीआई को सौंपे
अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) कुंदन कुमार ने भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए दो दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी है.
(इनपुट भाषा से)
एमएमसी ने इस भवन के निर्माण में पारित किए गए नक्शे का उल्लंघन किए जाने पर इसे ध्वस्त करने का आदेश गत 12 नवंबर को दिया था. नगर आयुक्त संजय दुबे ने बताया, ‘‘शहर के साहू रोड स्थित भवन को ध्वस्त करने के लिए निगम ने यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की मां को एक महीने की मोहलत दी थी. इसके समाप्त होने के बाद यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.''
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जेल में बंद ब्रजेश की संस्था ‘‘सेवा संकल्प एवं विकास समिति'' द्वारा इसका संचालन किया जा रहा था. दुबे ने बताया, ‘‘भवन को ध्वस्त करने से पहले दंडाधिकारी की उपस्थिति में उसके सामान की एक जब्ती सूची तैयार की. इसके बाद सभी खाली कमरों की वीडियोग्राफी भी कराई.''
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अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) कुंदन कुमार ने भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए दो दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी है.
(इनपुट भाषा से)
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