विज्ञापन

'साहब, मैं जिंदा हूं...', मुजफ्फरपुर में सिस्टम ने बुजुर्ग महिला को कागजों में मारा; अब भटकने को मजबूर

सोचिए, आप एकदम सही-सलामत हों और अचानक पता चले कि सरकारी फाइलों में आपकी मौत हो चुकी है! आप शिकायत लेकर जाएं और अधिकारी आपके जिंदा होने का सबूत मांग ले... ये कहानी भी कुछ ऐसी ही है.

'साहब, मैं जिंदा हूं...', मुजफ्फरपुर में सिस्टम ने बुजुर्ग महिला को कागजों में मारा; अब भटकने को मजबूर
जिंदा इंसान मांग रहा अपने जिंदा होने का सबूत, मुजफ्फरपुर की रुकैदा खातून कैसे हुईं 'कागजों में मृत'?
NDTV Reporter

Bihar News: बिहार में एक बार फिर सरकारी सिस्टम की भारी लापरवाही की तस्वीर सामने आई है. यहां एक जीवित महिला को मृत घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते उन्हें महीनों से मिल रहा सरकारी लाभ बंद कर दिया गया है. अब यह बुजुर्ग महिला खुद को जीवित साबित करने के लिए विभाग का चक्कर लगा रही है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है.

कौन हैं पीड़िता और कहां का है मामला?

यह हैरान करने वाला मामला मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी प्रखंड का है. यहां के पुरानी बाजार सिद्दकी रोड की रहने वाली रुकैदा खातून सरकारी कर्मियों द्वारा काम में बरती जा रही लापरवाही का शिकार हुई हैं. सरकारी कर्मियों के द्वारा उन्हें बिना किसी जांच-पड़ताल के मृत घोषित कर दिया गया है.

जनवरी माह से ही बंद कर दिए गए सारे सरकारी लाभ

पीड़िता रुकैदा खातून ने खुद अपना दर्द बयां करते हुए बताया है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ और जीवित हैं. इसके बावजूद, सरकारी कर्मियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि जो सरकारी लाभ और सुविधाएं उन्हें प्राप्त हो रही थीं, उन्हें इसी साल के जनवरी माह से ही पूरी तरह बंद कर दिया गया है.

जिंदा रहते हुए ढूंढना पड़ रहा 'जीवित होने का प्रमाण'

आज सिस्टम की वजह से नौबत यहां तक आ गई है कि पीड़िता रुकैदा खातून को अपने ही जिंदा होने का सबूत लेने के लिए विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है. उन्हें खुद ही जीवित रहते हुए अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र ढूंढना पड़ रहा है, ताकि उनका रोका गया हक उन्हें वापस मिल सके.

दफ्तर में बैठकर तय हो रहा जिंदा-मुर्दा? सिस्टम पर उठे सवाल

सरकारी कर्मियों के द्वारा किए गए इस कारनामे के बाद अब उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. जो महिला अभी जीवित है, आखिर उसको खुद ही जिंदा होने का सबूत क्यों ढूंढना पड़ रहा है? आखिर किस आधार पर सरकारी कर्मी के द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया? जब महिला जीवित है, तो फिर सरकारी सिस्टम के द्वारा कैसे उस महिला को मृत घोषित कर दिया गया? क्या सरकारी कर्मी कार्यालय में ही बैठ कर लोगों के जिंदा और मुर्दा होने का प्रमाण पत्र देते हैं?

SDM ने दिए जांच के आदेश

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद मुजफ्फरपुर के SDM ईस्ट तुषार कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने मुसहरी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को इस पूरे मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं. SDM ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 
 

ये भी पढ़ें:- यूपी में बकरीद पर हाई अलर्ट, दिल्ली-बंगाल में भी फ्लैग मार्च, मुंबई की सोसायटी में पुलिस का कड़ा पहरा

लेखक के बारे में
img
Mani Bhushan Sharma
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Muzaffarpur News, Bihar Government Negligence, Rukaida Khatoon Muzaffarpur, Living Woman Declared Dead In Bihar, Mushahari Block News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com