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Bihar: बाहर गेट पीटती रही भीड़, अंदर टॉयलेट में 3 घंटे तक छिपी रहीं महिला डॉक्टर, पुलिस ने नहीं उठाया फोन!

Vaishali Hospital Attack: बिहार के वैशाली में सड़क हादसे के बाद जब एक महिला को मृत घोषित किया गया, तो गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पर हमला कर दिया. भीड़ से जान बचाने के लिए दो महिला डॉक्टर 3 घंटे तक अस्पताल के शौचालय में छिपी रहीं.

Bihar: बाहर गेट पीटती रही भीड़, अंदर टॉयलेट में 3 घंटे तक छिपी रहीं महिला डॉक्टर, पुलिस ने नहीं उठाया फोन!
बिहार: वैशाली में अस्पताल पर भीड़ का हमला, जान बचाने के लिए 3 घंटे तक शौचालय में बंद रहीं दो महिला डॉक्टर
NDTV Reporter

Bihar News: बिहार के वैशाली जिले के महनार स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार शाम जो हुआ, उसने डॉक्टरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक सड़क हादसे में घायल नवविवाहिता की मौत के बाद भीड़ ने अस्पताल पर हमला कर दिया. अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल की दो महिला डॉक्टर्स को करीब 3 घंटे तक टॉयलेट के अंदर बंद रहना पड़ा.

'अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत'

जानकारी के अनुसार, देसरी थाना क्षेत्र के बिलट चौक के पास दो बाइकों की टक्कर में नवविवाहिता शिल्पी कुमारी की मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया. परिजन उन्हें महनार स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए. डॉक्टर पूनम सिन्हा के मुताबिक, महिला की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी. जैसे ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया.

'परिजनों ने फोन करके और लोगों को बुला लिया'

भीड़ इतनी उग्र थी कि वे डॉक्टरों को नाम लेकर खोजने लगे और अपशब्द बोलने लगे. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर पूनम सिन्हा और डॉक्टर अंजलि कुमारी ने खुद को अस्पताल के एक टॉयलेट में बंद कर लिया. 

डॉक्टर पूनम सिन्हा ने बताया, 'मरीज पहले से मृत था, फिर भी हमने कोशिश की. लेकिन भीड़ ने फोन करके और लोगों को बुला लिया और हमें मारने के लिए ढूंढने लगे.'

डॉक्टर अंजलि कुमारी ने कहा, 'हम केवल दो ही लोग थे और बाहर पूरी भीड़ गेट पीट रही थी, हम बहुत डर गए थे.'

आधा घंटे पुलिस ने नहीं उठाया फोन, BDO ने किया रेस्क्यू

पीड़ित डॉक्टरों का आरोप है कि उन्होंने टॉयलेट के अंदर से ही कई बार महनार थाना पुलिस को फोन किया, लेकिन आधे घंटे तक कोई रिस्पांस नहीं मिला. आखिरकार, देर शाम जब महनार बीडीओ मुकेश कुमार दो थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, तब जाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और शौचालय का दरवाजा खोलकर दोनों महिला डॉक्टरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

सुरक्षा पर बड़ा सवाल

इस घटना के बाद दोनों महिला चिकित्सकों ने अपनी सुरक्षा पर कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि अगर अस्पताल में डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे काम कैसे करेंगे. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बीडीओ ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है, लेकिन इस घटना ने पूरे बिहार के स्वास्थ्य महकमे में डर का माहौल पैदा कर दिया है.

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