Football V/S Cricket: तीन देशों (कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका) के अलग-अलग शहरों में शुरू हुए 23वें फुटबॉल विश्व कप की खुमारी पूरी दुनिया पर चढ़नी शुरू हो गई है. लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप सहित दुनिया का एक बड़ा हिस्सा बड़ा हिस्सा वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग को देखने के लिए सोनी चैनल का सब्सक्रिप्शन फिर से रिन्यू कर रहा है. एक तरफ फुटबॉल का सबसे बड़ा मेला, तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने जा रही वनडे सीरीज और वीमेंस टी-20 वर्ल्ड कप (ICC Women's T20 World Cup). एक तरफ फुटबॉल को चलाने वाली पैटर्न बॉडी फीफा (FIFA), तो दूसरी तरफ क्रिकेट की अभिवावक संस्था आईसीसी (ICC). ऐसे में करोड़ों फैंस के मन में सवाल आते हैं कि आखिर कौन सी संस्था कितनी ताकतवर (International federation of Association Football V/S International cricket council) है, किसके पास कितना पैसा है. वगैरह..वगैरह.. यूं तो अनगिनत बड़े अंतर हैं, लेकिन आप 6 मुख्य बातों से जान लीजिए कि इन दोनों में से कौन सी संस्थान सबसे ज्यादा प्रभावी है.

1. स्थापना, साल और जगह
फीफा (FIFA) की स्थापना वर्ष 1904 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई थी, तो वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी ICC) की स्थापना इसके 5 साल बाद वर्ष 1909 में लॉर्ड्स (लंदन) में की गई थी. साल की संख्या बताता है कि दोनों ही संस्थाओं का इतिहास एक सदी से भी पुराना है. फीफा ने यूरोप के केंद्र से फुटबॉल को दुनिया भर में पहुंचाया, करीब-करीब इसी अवधि में आईसीसी ने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स से शुरुआत करते हुए आज इस खेल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है.
2. सदस्य देशों की संख्या का अंतर
वैश्विक पहुंच के मामले में फीफा और आईसीसी दोनों के बीच ही बहुत बड़ा अंतर है. इसकी सबसे बड़ी वजह शुरुआत से ही फुटबॉल के मैच का बहुत कम समयावधि का होना और इसकी प्रकृति की वजह से ठंडे देशों में कहीं ज्यादा लोकप्रिया होना रहा. वर्तमान में फीफा के साथ दुनिया के 211 देश जुड़े हैं, जो इस संस्था को संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) से भी बड़ा परिवार बनाता है. वहीं, आईसीसी के पास फिलहाल 108 देश हैं. ये देश भी दो श्रेणियों में विभाजित हैं. इसमें 12 पूर्ण कालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त देश हैं, तो 96 एसोसिएट्स देश हैं. समय के साथ पूर्णकालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त देशों की संख्या में इजाफा समय के हिसाब से नहीं हुआ. आईसीसी क्रिकेट को ज्यादा से ज्यादा देशों ले जाने की कोशिश कर रही. और टी20 फॉर्मेट इसमें अहम भूमिका निभा रहा है और आगे निभा सकता है.

Photo Credit: Photo: ICC
3. एक टाइम सर्किल में कमाई
जब वित्तीय ताकत की बात आती है, तो फुटबॉल के सामने क्रिकेट दूर-दूर तक कहीं नहीं ठहरता. यह आप इससे समझें कि फीफा ने साल 2019-2022 के वित्तीय चक्र में 7.6 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपये में करीब 63000 करोड़ रुपये की कमाई की. वहीं, इसी समयावधि में प्राप्त जानकारी के अनुसार ICC ने 2024-27 के दौरा 3.2 बिलियन डॉलर यानी 26,500 करोड़ रुपये कमाए. खास बात यह है कि बडे़ फॉर्मेट (टेस्ट) में सीमित देशों की संख्या और टी20 फॉर्मेट में भी ज्यादा (फुटबॉल से आधे से भी कम) के बावजूद आईसीसी की कमाई सराहनीय है. और भारत जैसे देशों में इसके मीडिया राइट्स की वैल्यू बहुत तेजी से बढ़ी है. लेकिन फीफा का बिजनेस मॉडल इससे दोगुने से भी अधिक बड़ा है .
4. पिछले विश्व कप की विजेता पुरस्कार राशि
जाहिर है कि जैसी कमाई होगी, वैसा ही खर्चा भी करना पड़ेगा. यही वजह है कि दोनों ही खेलों के विश्व कप विजेता टीम को मिलने वाली रकम में भी खासा अंतर होगा ही होगा. अगर 2022 फुटबॉल विश्व कप की बात की जाए, तो कतर में खेले गए मेगा टूर्नामेंट की विजेता अर्जेंटीना को पुरस्कार के रूप में 42 मिलियन डॉलर (करीब 350 करोड़ रुपये) मिले थे. जबकि साल 2023 में खेले गए टी20 विश्व कप की विजेता भारत टीम को इनाम में 33 करोड़ रुपये मिले. मतलब फुटबॉल विश्व कप विजेता टीम को दस गुना से भी ज्यादा रकम इनाम में मिलती है, जो बताता है कि फुटबॉल की कमर्शियल वैल्यू किस स्तर की है. यह रकम न केवल खिलाड़ियों के जीवन को बदल देती है, बल्कि उस देश के पूरे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करती है.
5. विश्व कप की कुल दर्शक संख्या
टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोकप्रियता के मामले में फुटबॉल का कोई जोड़ नहीं है. कतर में आयोजित पिछले फीफा वर्ल्ड कप 2022 को दुनिया भर में कुल 5 बिलियन (500 करोड़) लोगों ने देखा था. यह दुनिया की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा है. इसके उलट भारत में आयोजित आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 को कुल 1.5 बिलियन (150 करोड़) की व्यूअरशिप मिली थी. क्रिकेट की यह व्यूअरशिप मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई देशों (जैसे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश) और कुछ अन्य देशों तक केंद्रित है, जबकि फुटबॉल को एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका सहित हर महाद्वीप में समान रूप से देखा जाता है. यही कारण है कि फीफा वर्ल्ड कप दुनिया का सबसे ज्यादा (एक टूर्नामेंट के आधार पर) देखा जाने वाला देश बना हुआ है.
6. दुनिया भर में पंजीकृत खिलाड़ी
किसी भी खेल की जमीनी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि उसे खेलने वाले एक्टिव लोग कितने हैं.फिलहाल दुनिया भर में फीफा के तहत पंजीकृत फुटबॉल खिलाड़ियों की संख्या 250 मिलियन (25 करोड़) है. इसके मुकाबले आईसीसी के पास वैश्विक स्तर पर पंजीकृत क्रिकेटरों की संख्या केवल 30 मिलियन (3 करोड़) है. यह अंतर बताता है कि फुटबॉल को खेलने के लिए बहुत कम संसाधनों (केवल एक गेंद और मैदान) की आवश्यकता होती है. लेकिन इसके साथ ही खेल की लोकप्रियता में खेल विशेष के लिए जरूरी मौसम और आम जनता की इसके प्रति दीवानगी भी एक बड़ा अहम कारक है. भारत में गली-गली में बच्चे क्रिकेट खेलते दिखाई पड़ जाते हैं, लेकिन बड़े से बड़े मैदान पर फुटबॉल खेलते न ही बच्चे दिखाई पड़ते हैं, न ही युवा. शायद इसकी वजह भारत के मौसम का बहुत ज्यादा ठंडा न होना भी है.
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