बिहार में पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी बढ़ी है. आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं. विधानसभा में मद्य निषेध विभाग ने सवाल के जवाब में बताया कि शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में दस लाख केस दर्ज किये गये हैं. अब तक साढ़े चार करोड़ लीटर शराब बरामद की गई है. 16 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 1 लाख 60 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मोहनिया से विधायक संगीता देवी के सवाल के जवाब में मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने यह आंकड़े पेश किये.
पड़ोसी राज्यों से तस्करी बढ़ी, दो साल में ढाई लाख लोग गिरफ्तार
सीमावर्ती इलाकों से शराब की तस्करी रोकने के लिए बिहार सरकार ने चेकपोस्ट बनाए हैं. फिलहाल 84 चेकपोस्ट कार्यरत हैं, इनमें 67 बंगाल, झारखंड, यूपी, नेपाल की सीमा पर हैं. इन चेकपोस्ट पर पिछले दो साल में शराब की भारी खेप जब्त की गई है. दरअसल, शराबबंदी लागू होने के बाद से 31 दिसंबर 2022 तक 15 चेकपोस्ट ही काम कर रहे थे. इन चेकपोस्ट पर 6 साल में करीब 9 लाख लीटर शराब जब्त की गई और 20 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया. लेकिन चौकियों की संख्या बढ़ाने के बाद सिर्फ 3 साल के अंदर 2 लाख 68 हजार 133 लोगों की गिरफ्तारी हुई. 12 लाख 59 हजार लीटर शराब भी जब्त किया गया. यानि पिछले 6 साल के मुकाबले इन तीन साल में 10 गुणा लोग अधिक गिरफ्तार हुए.
यूपी और नेपाल की सीमा पर सबसे अधिक चेकपोस्ट
यह सभी चेकपोस्ट सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं. यहां चौबीस घंटे जांच होती है और ड्रोन से भी निगरानी की जाती है. यूपी की सीमा पर 23, पश्चिम बंगाल की सीमा पर 8, झारखंड की सीमा पर 19 और नेपाल की सीमा पर 17 चेकपोस्ट बने हैं.
15 हजार 800 किलो गांजा, 40 हजार लीटर कफ सिरप बरामद
शराबबंदी के बाद अब दूसरे नशीले पदार्थों की खपत भी बढ़ी है. आंकड़ों के मुताबिक अब तक 15 हजार 800 किलो गांजा जब्त किया जा चुका है. इसके अलावा 40 हजार लीटर कफ सिरप, 240 किलोग्राम अफीम और साढ़े 3 किलो चरस भी जब्त किया गया है.
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